झूलाघाट(पिथौरागढ़) झूलाघाट के लोगों को बीएसएनएल की संचार सेवा मिलने में अभी चार माह का वक्त लगेगा। दूरसंचार विभाग ने एक साल पूर्व यहां बीएसएनएल टावर लगाने का काम शुरू किया था। लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हो सका है। जिससे लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। हालांकि बीते रविवार को अल्मोड़ा से आई टीम ने टावर में तार बिछाने का काम शुरू कर दिया है। लेकिन टावर का काम पूरा होने में चार माह का समय लगने की संभावना जताई जा रही है।
झूलाघाट, जूलगांव, गेठिगाड़, तालेश्वर, कानड़ी और सीमू गांव की हजारों की आबादी को बीएसएनएल की संचार सुविधा से जोड़े जाने के लिए एक साल पूर्व यहां टावर लगाने का काम शुरू हुआ। बीते एक साल में यहां सिर्फ टावर के खंभे ही खड़े हो सके हैं। टावर में अभी जेनरेटर, बैट्री लगना शेष है। बीते रविवार से अल्मोड़ा से आ टीम ने टावर में तार लगाने का काम तो शुरू कर दिया। लेकिन बैट्री और जेनरेटर लगाने और टेक्निकल टीम के निरीक्षण के बाद ही टावर काम करना शुरू करेगा। इस सब काम में तकरीबन चार माह का समय और लगेगा। इसके बाद ही यहां के लोगों को बीएसएनएल की संचार सेवा का लाभ मिल सकेगा।
टावर लगने में अनावश्यक देरी होने पर व्यापार संघ अध्यक्ष संजीव जोशी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने झूलाघाट में शीघ्र बीएसएनएल का टावर लगाने की मांग की है। उधर दूरसंचार विभाग के उप मंडलीय अधिकारी अरविंद कुमार ने कहा टावर लगाने और काम शुरू करने की जानकारी विभाग के पास नहीं होती है। टावर लगाने संबंधी सभी काम अल्मोड़ा से संचालित होते हैं।
शो पीस बने बीएसएनएल और निजी कंपनी के टावर
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। मजिरकांडा में लगे बीएसएनएल और निजी कंपनी के टावर शो पीस बने हुए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सोहन सिंह गोबाड़ी का कहना है कि इन टावरों से सिग्नल नहीं मिल पा रहे हैं। जिससे न तो लैंड लाइन फोन कर पा रहे हैं और न ही मोबाइल ही चल पा रहे हैं। जिससे लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। भटेड़ी गांव के दयाकृष्ण, धमेंद्र सिंह, योगेश सिंह, नरेश सिंह, हुक्कम राम, राजेंद्र प्रसाद, गिरधर, भूपेंद्र सिंह और प्रकाश सिंह ने आंदोलन करने का ऐलान किया है।
जिला मुख्यालय में ठप रही बीएसएनएल की संचार सेवा
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय समेत आसपास के इलाकों में बीएसएनएल की सेवा ठप रही। सोमवार को सांय पांच बजे ठप हुई संचार सेवा समाचार लिखे जाने तक सुचारू नहीं हो सकी थी। संचार सेवा बाधित होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। साइबर कैफे से लेकर तमाम काम प्रभावित रहे। बीएसएनएल ब्राड बैंड सेवा के काम नहीं करने से लोगों के तमाम काम अटके रहे।