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आईटीबीपी की सीवरेज निकासी पर रोक

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पिथौरागढ़। प्रशासन के निर्देश पर जल संस्थान ने जाजरदेवल आईटीबीपी के सीवरेज की यज्ञवती नदी में निकासी पर रोक लगा दी है। आईटीबीपी को अशोधित सीवरेज गधेरे में न बहाने की हिदायत भी दी गई। इसके साथ ही आईटीबी को दो माह के भीतर सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने को कहा गया है।

जाजरदेवल में आईटीबीपी द्वारा सीवरेज यज्ञवती नदी में सीवरेज डालने की शिकायत मिल रही हैं। पिछले दिनों भी क्षेत्रवासियों ने सीवर नदी में जाने की शिकायत की थी। इसके बाद विभागों की संयुक्त टीम ने मौके पर छापा मारकर सीवरेज नदी में जाता हुआ पकड़ा था। मामला सामने आने के बाद आईटीबीपी ने सीवर निकासी रोक दी। इस बीच जल संस्थान के ईई विशाल कुमार के नेतृत्व में एक टीम ने आईटीबीपी के सीवरेज व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि स्थायी ट्रीटमेंट प्लांट के अभाव में अस्थाई तौर पर शोधित सीवर खेतों में छोड़ा जा रहा है। जबकि पहले यही सीवरेज यज्ञवती में छोड़ा जा रहा था।
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क्षेत्रवासियों के विरोध के बाद आईटीबीपी ने सीवर अपने खेेतों में डालना शुरू किया। इस मौके पर टीम ने आईटीबीपी को भविष्य में सीवरेज नदी में न डालने को कहा। इसके साथ ही जल्द से जल्द ट्रीटमेंट प्लांट बनाने को कहा। बता दें कि यज्ञवती नदी आगे चलकर ठुलीगाड़ पेयजल योजना के अपस्ट्रीम में मिलती है। इससे ठुलीगाड़ के पानी पर प्रदूषण का खतरा बना है। ईई विशाल कुमार ने बताया कि बल ने दो माह के भीतर स्थायी ट्रीटमेंट प्लांट बन जाने की जानकारी दी है। स्थायी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए आईटीबीपी ने मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा है। ईई ने बताया कि शोधित सीवर आईटीबीपी बागवानी में इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने सीवरेज निकासी बंद होने के बाद अब ठुलीगाड़ जलस्रोत के प्रदूषण से इंकार किया है।
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