पिथौरागढ़। नैनीसैनी हवाई पट्टी से उड़ान के लिए जिला प्रशासन ने नागरिक उड्डयन विभाग को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया है। एसडीएम पिथौरागढ़ को एयरपोर्ट मैनेजर और पुलिस उपाधीक्षक को एयरपोर्ट सुरक्षा अधिकारी का दायित्व सौंप दिया है। जाजर देवल के थानाध्यक्ष को विमान सुरक्षा अधिकारी नियुक्त किया है।
तीन दिन पूर्व हवाई पट्टी के निरीक्षण के बाद बुधवार को प्रदेश के मुख्य सचिव उत्पल कुमार और नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी और एसपी से तैयारी पर बातचीत की थी। बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन ने हवाई पट्टी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को दायित्व सौंप दिए हैं।
इन अधिकारियों को उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सुरक्षा मानकों के अनुरूप हवाई पट्टी में कार्यव्यवस्था करनी होगी। सीमांत के लोगों को देहरादून और दिल्ली पहुंचने के लिए अभी सड़क मार्ग से 19 घंटे की यात्रा करनी पड़ती है। डीएम सी रविशंकर ने बताया कि उड़ान शुरू करने को लेकर नागरिक उड्डयन विभाग को जिला स्तर से अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है।
1991 में शुरू हुआ था सफर
नैनीसैनी हवाई पट्टी वर्ष 1991 में बनकर तैयार हुई थी। 2015 में 64.91 करोड़ की लागत से इसका विस्तार किया गया। 1600 मीटर लंबी और 60 मीटर चौड़ी हवाई पट्टी में 26 जनवरी 2016 से उड़ान शुरू करने का प्रयास हुआ। डीजीसीए के अधिकारियों ने हाल ही में हवाई पट्टी का दो बार निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। आठ अक्टूबर को यहां से उड़ान शुरू होनी हैं।