पिथौरागढ़। मानसून काल में आपदा की दृष्टि से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था, राहत खोज बचाव पुर्ननिर्माण कार्यों के साथ ही आपदा के दौरान हुई क्षति और राहत कार्यों के संबंध में कुमाऊं आयुक्त राजीव रौतेला ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से खोज बचाव के कार्य सुचारु ढंग से करने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने कहा कि अभी मानसून के दो माह से अधिक समय शेष है। आपदा को नियंत्रित करने, प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत कार्यों को कराने, बंद सड़कों, रास्तों को खुलवाने के साथ ही पुर्नर्निर्माण के कार्यों को तेजी से कराने के लिए पूरी तरह से तैयार रहें। उन्होंने कहा कि आपदा की घटना के तत्काल बाद प्रशासनिक तंत्र अपने-अपने स्तर से प्रभावित क्षेत्र में उपस्थित रहकर कार्य करना सुनिश्चित करें ताकि आपदा से प्रभावित लोगों में किसी भी प्रकार का भय न हो और उन्हें तत्काल सहायता मुहैया हो सके। उन्होंने प्रभावितों को तत्काल राहत राशि वितरित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कैलास मानसरोवर यात्रियों के संबंध में केएमवीएन के प्रबंध निदेशक डीएस गर्ब्याल से जानकारी हासिल की। प्रभारी डीएम वंदना से भी जानकारी ली। प्रबंध निदेशक ने कहा कि कुछ छोटे हेलीकॉप्टर धारचूला में उपलब्ध कराए जाएं तो उनके माध्यम से यात्रियों को धारचूला से बूंदी, बूंदी से धारचूला तक लाया जा सकता है, जिससे यात्रा आसानी से सुचारु की जा सकती है। आयुक्त ने कहा कि वह स्वंय इस संबंध में शासन स्तर पर वार्ता करेंगे।
आयुक्त ने गुंजी और बूंदी स्थित पर्यटन आवास गृहों में पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के साथ ही एक अतिरिक्त वरिष्ठ अधिकारी को गुंजी में तैनात करने, गुंजी में रह रहे कैलास मानसरोवर यात्रियों को किसी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए एक उपजिलाधिकारी को भी गुंजी भेजने के निर्देश डीएम को दिए। उन्होंने प्रभागीय वनाधिकारी को निर्देश दिए कि सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक पेड़ों का भी शीघ्र पातन करना सुनिश्चित कराएं।