धारचूला (पिथौरागढ़)। बलुवाकोट के क्षेत्र पंचायत सदस्य ईश्वरी प्रसाद (40) की अचानक मृत्यु हो गई। उन्होंने सीडीओ को 16 सितंबर को धारचूला के कांग्रेसी ब्लॉक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर के खिलाफ सौंपे गए अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए थे। बताया गया है कि वायरल से उनकी तबियत खराब होने पर रविवार शाम उन्हें हल्द्वानी अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
कांग्रेसियों ने क्षेत्र पंचायत सदस्य की मौत के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। कहा है कि भाजपा ने क्षेत्र पंचायत सदस्यों को अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कराने के लिए भारी दबाव में लिया है और कई सदस्यों को अपनी गिरफ्त में रखा है।
कांग्रेस के तमाम नेताओं ने सोमवार को इस मामले में एसडीएम आरके पांडे को ज्ञापन दिया। उनसे मांग की कि जितने भी सदस्य भाजपा के कब्जे में हैं उनको मुक्त कराया जाए, अन्यथा अन्य सदस्यों के साथ भी अनहोनी हो सकती है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र पंचायत सदस्य की मौत के बाद कांग्रेस काफी आक्रोशित है। कहा कि सदस्यों पर अविश्वास प्रस्ताव में हस्ताक्षर कराने के लिए भारी दबाव बनाया जा रहा है। उनको डराया, धमकाया जा रहा है। ऐसे मामलों की तत्काल जांच करने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में खुद ब्लॉक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर के साथ पालिकाध्यक्ष दशरथी खैर, वरिष्ठ कांग्रेसी कैलाश रावत, प्रद्युम्न गर्ब्याल, लीला धामी, नंदा बिष्ट, आन सिंह रोकाया, शकुंतला दताल, ओमप्रकाश वर्मा, देवकृष्ण फकलियाल, निर्मला देवी, अंजू रौंकली, राम सिंह आदि थे।
अविश्वास प्रस्ताव का गणित उलझा
धारचूला। धारचूला क्षेत्र पंचायत समिति में कुल सदस्यों की संख्या 40 थी। एक सदस्य की मौत करीब पांच महीने पहले हो गई थी और दूसरे सदस्य की मौत रविवार रात हो गई। अब क्षेत्र समिति में कुल 38 सदस्य रह गए हैं। यदि अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए दो-तिहाई सदस्यों का होना जरूरी है। 16 सितंबर को अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में 26 सदस्यों ने सीडीओ आशीष चौहान को शपथपत्र दिया था। इनमें से एक सदस्य की मौत हो जाने के कारण यह संख्या 25 रह गई है। अब देखना है कि मतदान के समय क्या स्थिति बनती है।