झुलापुल बनाने समेत तमाम मांगों को लेकर गोरीपार के 13 गांवों के 130 लोगों ने 14 सितंबर से जौलढुंगा गांव में एक साथ आमरण अनशन पर बैठने का ऐलान किया है। जौलढुंगा में बृहस्पतिवार को आंदोलन को अंतिम रूप देने के लिए बैठक हुई, जिसमें कहा गया कि इस ऐतिहासिक आंदोलन के लिए सभी गांवों में संपर्क कर लिया गया है। मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में इतने बड़े आंदोलन की तैयारी को लेकर प्रशासनिक अमला भी सकते में है।
मुनस्यारी से 19 किलोमीटर दूर स्थित जौलढुंगा पहुंचने के लिए आठ किलोमीटर की कठिन चढ़ाई पार करनी पड़ती है, यदि जौलढुंगा में इतने लोग एक साथ अनशन पर बैठते हैं तो प्रशासन को भी वहां तक पहुंचने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ जाएगी। आंदोलन का संयोजन कर रहे भाजपा विधानसभा क्षेत्र प्रभारी जगत मर्तोलिया ने बताया कि गोरीपार जाने के लिए गोरी में बसंतकोट के पास झूलापुल बनाने, गोरीपार के लिए स्वीकृत सड़क का निर्माण करने, ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने और आंदोलनकारियों पर दर्ज किए गए मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर यह आंदोलन चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आंदोलन की सारी तैयारी कर ली गई है, यदि प्रशासन किसी आंदोलनकारी को उठाने का प्रयास करेगा तो उसकी जगह नए लोग अनशन पर बैठ जाएंगे। बृहस्पतिवार को हुई बैठक में प्रयाग सिंह पालीवाल, रतन सिंह नेगी समेत आसपास के गांवों के सभी लोग उपस्थित थे।