तेरह वर्षों से निर्माणाधीन नौलड़ा-खतेड़ा सड़क अब भी मात्र सात किमी नापड़ तक बन पाई है। ग्रामीण कई बार सड़क निर्माण की मांग कर चुके हैं, बावजूद लोनिवि की उदासीनता देखते हुए क्षेत्र की महिलाएं, बुजुर्ग, युवा स्वयं सड़क निर्माण कार्य में जुट गए हैं। लोगों ने रोज छह घंटे श्रमदान कर सात किमी तक जेसीबी से खोदी गई सड़क को सपाट करना शुरू कर दिया है।
नौलड़ा-खतेड़ा सड़क का निर्माण कार्य लोनिवि ने वर्ष 2003 में प्रारंभ कर दिया था। सड़क निर्माण रुकने पर ग्रामीणों ने बार-बार काम शुरू करने की मांग की। काम शुरू न होने पर कई बार चक्काजाम और आमरण अनशन किया। सड़क के विस्तार और निर्माण कार्य शुरू करने की मांग को लेकर अक्तूबर 2015 में क्षेत्र पंचायत सदस्य दीपक चुफाल के नेतृत्व में आमरण अनशन शुरू किया गया, जिस पर लोनिवि ने तत्काल मशीन और सामग्री लाकर लिखित आश्वासन के साथ आमरण अनशन समाप्त करवा दिया था।
ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित ठेकेदार ने सड़क में मात्र एक दिन जेसीबी लगाई और मशीन में खराबी बताते हुए सात दिन जेसीपी खड़ी कर दी। अब ठेकेदार मशीन को भी वापस ले गया है। भाजपा नेता खुशाल सिंह पिपलिया का कहना है कि मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र होने के बाद भी अनदेखी की जा रही है। इलाके के बांस, नापड़, खतेड़ा, सीढ़ी के लोग मांग करते करते थक चुके हैं, जिससे उन्होंने स्वयं निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। श्रमदान करने वालों में नापड़ के ग्राम प्रधान रमेश राम, पूर्व ग्राम प्रधान धीराज सिंह, सेवानिवृत्त 70 वर्षीय नारायण सिंह चुफाल, कमला, प्रेम सिंह, मान सिंह, कलावती, हरक सिंह, कुंदन सिंह, हीरा सिंह, गणेश, दीपा, लक्की, प्रवीन, जीवंती आदि लोग शामिल हैं।
नया टेंडर लगाया जाएगा
संबंधित ठेकेदार को कई बार निर्माण कार्य शुरू करने के लिए सूचना दे दी गई है। अब ठेकेदार का टेंडर निरस्त कर नया टेंडर लगाकर नए सिरे से सड़क का कार्य शुरू किया जाएगा। -पीसी जोशी, अधिशासी अभियंता लोनिवि डीडीहाट