धारचूला की सोसा-सिर्खा सड़क में आया मलबा। अमर उजाला
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मूसलाधार बारिश से पिथौरागढ़ जिले की 12 से अधिक सड़कें मलबा गिरने से यातायात के लिए बंद हो गई हैं। धारचूला की सोसा-सिर्खा सड़क पहाड़ी दरकने से 30 मीटर बह गई है। बंद सड़कों पर अधिकांश ग्रामीण सड़कें हैं।
मंगलवार की रात धारचूला सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार बारिश हुई। इससे पिथौरागढ़ सहित धारचूला और मुनस्यारी तहसीलों की 13 सड़कों पर मलबा आ गया। धारचूला में सबसे अधिक 32 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश से धारचूला की सोसा-सिर्खा सड़क 30 मीटर हिस्सा पूरी तरह से बह गया है। यहां पर लोग मलबे के ऊपर से जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। प्रशासन के निर्देश पर निर्माणदायी विभागों ने सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी और मजदूर तैनात किए हैं।
मड़मानले-दोबांस सड़क पर मलबा आने से दोबांस के लोगों को पैदल ही आवागमन करना पड़ा। बेड़ीनाग के मदनपुर-नैनी सड़क कुलूर नदी का जलस्तर बढ़ने से बंद है। यहां पर ट्राली से आवागमन करना पड़ रहा है। इसके अलावा धारचूला के बंगापानी-जाराजिबली मार्ग ध्वस्त होने से पैदल ही आवाजाही करनी पड़ रही है।
चेतावनी लेबल के नजदीक बह रही काली नदी
धारचूला में हुई मूसलाधार बारिश से काली नदी का जल स्तर काफी बढ़ गया। यह नदी चेतावनी लेबल के काफी करीब बह रही है। काली नदी का जल स्तर 888.40 क्यूसेक है, जबकि नदी का चेतावनी लेबल 889 और डेंजर लेबल 890 है। मुनस्यारी में कमल बारिश होने से गोरी नदी का जल स्तर मदकोट और जौलजीबी में सामान्य रहा। चमगाड़ में सरयू नदी का जल स्तर पर भी सामान्य रहा।
टनकपुर और हल्द्वानी की सड़कें बंद होने से सीमांत के लोग परेशान
टनकपुर और हल्द्वानी की सड़कें बंद होने से सीमांत पिथौरागढ़ जिले के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। घाट-हल्द्वानी सड़क मकड़ाऊ में बंद होने से लोग टनकपुर सड़क से आवागमन कर रहे थे। बुधवार सुबह चंपावत और टनकपुर के बीच सड़क बह जाने से लोगों की मुश्किलें और अधिक बढ़ गईं हैं। मैदानी क्षेत्रों से जोड़ने वाली दोनों सड़कों के बंद होने से लोगों को गंगोलीहाट या थल रूट से घूमकर अल्मोड़ा को जाना पड़ा। इससे मैदानी क्षेत्रों को जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।