गणाईगंगोली के चौनापातल में बंजर पड़े मकान
- फोटो : अमर उजाला
पहाड़ के गांवों के हालातों में देश आजाद होने के 71 वर्ष और अलग राज्य बनने के 18 साल बाद भी कोई खास परिवर्तन देखने को नहीं मिला है। गणाईगंगोली तहसील के सेरा उर्फ बडोली ग्राम पंचायत के चौनापातल गांव को ही देख लीजिए, इस गांव में आजादी के 71 साल बाद बिजली आने जा रही है, लेकिन यातायात की सुविधा अब भी इस गांव में नहीं है।
चौनापातल गांव भी कभी खुशहाल हुआ करता था। लोग खेतीबाड़ी कर जीवनचर्या निकाल लेते थे। गांव के विकास की आस में लोगों ने कई दशक बिता दिए, लेकिन शासनतंत्र की नजर इस गांव की ओर नहीं पड़ी। धीरे-धीरे लोग गांव छोड़कर अन्यत्र जाने लगे। 90 के दशक से अब तक 13 परिवार चौनापातल को छोड़ चुके हैं। 25 परिवारों वाले गांव में अब मात्र 12 परिवार रहते हैं।
हाल में गांव को केंद्र सरकार की विद्युतीकरण योजना में चयनित किया गया। गांव तक बिजली की लाइन पहुंच गई है। जल्द ही गांव के लोगों को बिजली मिलने की उम्मीद है। ग्राम प्रधान मोहन जोशी कहते हैं कि चौनापातल के लोगों को यातायात सुविधा की दरकार है।
चौनापातल एक सप्ताह में बिजली से जगमगा जाएगा। चौनापातल के लिए सड़क भी स्वीकृत हो गई है। जल्द ही सड़क का काम शुरू हो जाएगा।
-मीना गंगोला, विधायक गंगोलीहाट
गांव तक लाइन बिछ गई है। एक सप्ताह के भीतर लाइन चालू कर दी जाएगी।
-हरीश बोरा, अवर अभियंता, बिजली विभाग।