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मांगों को लेकर कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन,

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पिथौरागढ़। किराया भत्ता, पुरानी पेंशन बहाली समेत कई मांगों को लेकर कर्मचारियों ने विकास भवन प्रांगण में प्रदर्शन किया। उन्होंने 31 जनवरी को सामूहिक अवकाश लेने, चार फरवरी के विधानसभा घेराव कार्यक्रम में प्रतिभाग करने का निर्णय लिया है। आंदोलन को सफल बनाने के लिए कर्मचारियों संगठनों ने कार्यालयों में गेट मीटिंग भी शुरू कर दी है।
सोमवार को अधिकारी कर्मचारी समन्वय समिति के जिला संयोजक कैलाश पंत के नेतृत्व में एकत्र कर्मचारियों ने विकास भवन प्रांगण में नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि मकान किराए भत्ते की देयता क्रमश: 8, 12, 16 प्रतिशत करने के साथ ही अन्य भत्तों में बढ़ोत्तरी करने की मांग नहीं मानी जा रही है। राज्य और निगम कर्मचारियों के लिए लागू एसीपी व्यवस्था के स्थान पर पूर्व की व्यवस्था के अनुसार 10, 16, 26 वर्ष की सेवा पर प्रोन्नत वेतनमान का लाभ देने की मांग पूरी नहीं की जा रही है।
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कहा कि इन मांगों के साथ ही पुरानी पेंशन बहाली, चतुर्थ श्रेणी कर्मियों का ग्रेड वेतन 4200 करने समेत तमाम मांगों को लेकर चार फरवरी को देहरादून में होने वाले विधानसभा घेराव कार्यक्रम में सैकड़ों कर्मचारी भाग लेंगे। प्रदर्शन में बिजेंद्र लुंठी, केएस लडवाल, अरविंद द्विवेदी, तारा दत्त पंत, कल्याण सिंह, संजय सिंह, गणेश सिंह, नीरज चंद, गणेश सौन, नरेंद्र सिंह, राधे श्याम, केएस बंगारी आदि शामिल थे।
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31 को सामूहिक अवकाश लेकर प्रदर्शन करेंगे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी
टनकपुर (चंपावत)। दस सूत्री मांगों को लेकर उत्तराखंड चतुर्थ वर्गीय राज्य कर्मचारी महासंघ मुखर हो गया है। सोमवार को महासंघ के जिला महामंत्री कमल सिंह ने बताया कि 31 जनवरी को प्रदेश भर में कर्मचारी एक दिन का सामूहिक अवकाश लेकर तहसील और जिला मुख्यालयों में मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद भी मांग पर सार्थक निर्णय न होने पर चार फरवरी को देहरादून परेड ग्राउंड में एकत्र होकर सचिवालय का घेराव किया जाएगा। जिला महामंत्री ने बताया कि मकान किराया भत्ता 12 और 16 प्रतिशत के अनुरूप अनुमन्य करते हुए देय भत्तों में वृद्धि करने, एसीपी का लाभ देने, पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू रखने समेत दस सूत्री मांगें उठाई गई हैं। उन्होंने मांगों को लेकर शासन-प्रशासन की उदासीनता पर रोष जताया। साथ ही एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया है। ब्यूरो
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