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सिखा देना मुझे भी आगे बढ़ने का चलन...

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पिथौरागढ़। संस्कृत पुस्तकालय बजेटी की ओर से काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान कवियों ने नए वर्ष में साहित्य सृजन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
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काव्य गोष्ठी का शुभारंभ डॉ. पीतांबर अवस्थी ने किया। उन्होंने कहा कि नए साल में नऐ विचारों और साहित्सक सृजन के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने युवाओं से रचनाधर्मिता के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस मौके पर उन्होंने ‘हथेली पर जान लिबेर बताओ कसिके ईजा 2019 न्यू वर्ष मनूछिं’।

हेमा थलाल ने अपनी रचना पेश करते हुए कहा कि ‘मेरी बेटियों को बचाने को कुछ पल थम जाना, ए नए वर्ष तू आते-जाते रहना’। जयमाला देवलाल ने अपनी कविता को कुछ यूं बयां किया ‘चलो साथ चलें नव वर्ष, सिखा देना मुझे भी आगे बढ़ने का ये चलन’। गोष्ठी में डॉ. आनंदी जोशी, प्रमोद कुमार क्षोत्रिय, मंजुला अवस्थी आदि मौजूद रहे।
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