मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। थल-मुनस्यारी मार्ग पर मुनस्यारी तक यातायात बहाल हो गया है। जौलजीबी मार्ग मदकोट तक खुल गया है। मुनस्यारी-नानासेम-चांदनी मार्ग नानासेम तक खुला है। मुनस्यारी-बर्नियागांव मोटर मार्ग, दरकोट-नमजला मार्ग पर यातायात बहाल हो गया है।
मदकोट-बोना मार्ग, मदकोट-बसंतकोट-फाफा, दरांती-तल्ला दुम्मर मोटर मार्गों को खेलने के लिए जेसीबी लगी है। थानाबैंड-मर्तोलीथौड़ सड़क पर भारी मलबा जमा है। सड़क खोलने के लिए जेसीबी लगी है। मुनस्यारी-हरकोट-चौना मार्ग, मदकोट-रिंगू-चुलकोट, मदकोट-आलमदारमा, सेरा-सिरतोला, हरकोट-जलथ, मदकोट-जोशा-धुनामनी, जोशा- गांधींनगर, सेराघाट-बिंदी-टांगा मार्ग अब भी बंद हैं।
मुनस्यारी-नानासेम-जैंती-रांथी मार्ग बंद है। सुरिंग-सिन्नर धापा-क्विरीजिमिया पैदल मार्ग भी खुल गया है। लीलम, सेलपानी मार्ग पर सुरिंगगाड़ में पुलिया का निर्माण किया जा रहा है। कैंठी बैंड-बसंतकोट मार्ग पर ट्राली खराब है। विधायक हरीश धामी ने जौलजीबी-मदकोट मार्ग को खोलने के लिए निजी पोकलैंड, जेसीबी लगाई।
रिपोर्ट तहसील प्रशासन को सौंपी
मुनस्यारी। भाजपा की आपदा मॉनीटरिंग कमेटी के सदस्यों ने प्रभावित क्षेत्रों की रिपोर्ट तहसील प्रशासन को सौंपी है। भाजपा की मांग पर नोडल अधिकारी आरडी पालीवाल ने दो दिन में तहसील में आई आपदा की रिपोर्ट सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए। कहा कि राजस्व तथा ग्राम्य विकास विभाग के कर्मचारियों को इस कार्य में लगाया जाएगा। मॉनीटरिंग कमेटी के सदस्यों ने बताया कि पेयजल, पैदल मार्ग, बिजली, मोटर मार्ग को खोलने के लिए समयबद्ध चार्ट बनाया जाय। बलौंता, रांथी, मिनाल गांव की भयावह स्थिति को देखते हुए प्रशासन, इंजीनियरिंग विभाग और बीआरओ की संयुक्त कमेटी बनाई जाय। एडीएम पालीवाल, एसडीएम कृष्ण नाथ गोस्वामी, तहसीलदार डॉ. ललित तिवारी, बीडीओ अक्षित आनंद, भाजपा मॉनीटरिंग टीम के जगत मर्तोलिया, प्रयाग पालीवाल, उत्तम गोस्वामी, भगत बाछमी आदि थे।
लड़िग्वार से 6 परिवारों को निकाला
मुनस्यारी। लड़िग्वार में फंसे 6 परिवारों को रेस्क्यू कर लिया गया है। शुुक्रवार देर शाम लकड़ी की पुलिया का निर्माण कर लिया। शनिवार को लोगों को रेस्क्यू किया गया। इन परिवारों को मुनस्यारी व्यापार मंडल अध्यक्ष राजू पांगती की ओर से उपलब्ध कराई खाद्य सामग्री वितरित की।
रेनबो ट्राउट मछलियां मरी
मुनस्यारी। एक, दो जुलाई की रात हुई अतिवृष्टि से भूपेश पांगती की रेनबो ट्राउट प्रजाति की मछलियों को बारी नुकसान पहुंचा है। बताया गया है कि 900 बड़ी मछलियां मारी गई और 40000 मछलियों के बीज नष्ट हो गए। करीब 3 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने 30 मई को रेनबो ट्राउट पालन का शुभारंभ किया था। हैचरी से अन्य लोगों को बीज उपलब्ध कराने थे।
टांगा क्षेत्र के लिए जान हथेली में रखकर हो रहा आवागमन
बंगापानी। एक, दो जुलाई की अतिवृष्टि से टांगा, बिंदी, तल्ला बिंदी, फर्वेकोट आदि को जाने वाला पैदल पुल और रास्ते बहा डाले। क्षेत्र के लोग पिछले 6 दिन से भारी मुसीबत में हैं। क्षेत्र को सरकारी मदद नहीं मिली है। क्षेत्र के लोग नदी में तार डालकर जान हथेली में रखकर आवागमन कर रहे हैं। प्रधान बसंती देवी ने बंगापानी के तहसीलदार को पत्र देकर क्षेत्र के लोगों की दिक्कतों को उठाया है।
विधायक ने की समीक्षा
मुनस्यारी। विधायक हरीश धामी ने शनिवार को ब्लाक सभागार में अधिकारियों के साथ आपदा राहत कार्य की समीक्षा की। उन्होंने लोगों से आपसी तालमेल बनाकर प्रशासन को नुकसान की जानकारी देने की अपील की। कहा कि धरातल पर जाकर मॉनीटरिंग की आवश्यकता है। उन्होंने मार्ग, पुल, पेयजल लाइनों को तत्परता से ठीक करने को कहा। राहत शिविरों का संचालन ठीक तरह से करने को कहा।
50 लोगों को रेस्क्यू किया
धारचूला। दो हेलीकॉप्टरों ने सोसा, जिप्ती, गर्ब्यांग, बूंदी, गुंजी के लिए 9 उड़ान भरकर 50 लोगों को धारचूला रेस्क्यू किया। इनमें निजी यात्रा में छोटा कैलाश की यात्रा पर गए लोग शामिल हैं। हेलीकॉप्टरों से 12 क्विंटल राशन गांवों में पहुंचाया गया। हेलीकॉप्टरों से लोगों को गांवों से लाने और ले जाने का सिलसिला अभी जारी रहेगा। गांवों से मुफ्त में लोगों को लाया जा रहा है।