पिथौरागढ़। जिला सहकारी बैंक की इंपलाइज यूनियन ने पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक से अलग कर चंपावत जिला सहकारी बैंक बनाने का विरोध किया है। कहा है कि यह प्रधानमंत्री के बैंकों के एकीकरण के कार्यक्रम का विरोधाभास है। यूनियन ने नोटबंदी के दौरान किए गए अतिरिक्त काम का भुगतान करने की मांग की है। इस दौरान यूनियन की बैठक में नई कार्यकारिणी का गठन किया गया।
बैंक मुख्यालय सभागार में पूर्व संरक्षक जीवन चंद्र पंत की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि वार्षिक सामान्य बैठक के खर्चे पर बैंक के महाप्रबंधक और उप महाप्रबंधक को उपहार दिए जाते हैं, जो गलत है। बैठक में बैंक के खर्चों की समीक्षा की गई। साथ ही बढ़ते खर्च पर कमी लाने के लिए प्रबंधन से वार्ता करने का निर्णय लिया गया। बैंक कर्मियों के परिवार और आश्रितों का चिकित्सा बीमा कराने, संविदा कर्मियों को नियमित करने, सहकारिता सहभागिता की अनुदान राशि उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई।
बैठक में सर्वसम्मति से हरिशंकर जोशी अध्यक्ष, संजीव सिंह, कामाक्षी नगरकोटी को उपाध्यक्ष, ललित मोहन टम्टा को महामंत्री, संतोष कार्की को कोषाध्यक्ष, गौरव देवलाल, गिरिजा शंकर जोशी को संयुक्त मंत्री, बशीर अहमद, पंकज कुमार भट्ट, आनंद प्रकाश मुकुल मलड़ा, संजय खड़ायत, होशियार सिंह, संजय राणा को प्रांतीय प्रतिनिधि चुना गया।