बोर्ड परीक्षा में शिक्षकों की ड्यूटी
- फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में इस जिले में कक्ष निरीक्षक, कस्टोडियन, केंद्र प्रभारी, सचल दल, प्रेक्षक मिलाकर कुल 1200 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। बोर्ड परीक्षा 17 मार्च से शुरू होगी। जिन विद्यालयों में प्रधानाचार्य का पद रिक्त है, वहां पर वरिष्ठ अध्यापक या प्रभारी प्रधानाचार्य को कक्ष निरीक्षक तथा कस्टोडियन का दायित्व सौंपा जाएगा। जिले में प्रधानाचार्यों के 125 पद रिक्त हैं, जबकि एलटी ग्रेड में शिक्षकों के 199 और प्रवक्ता पद पर 290 पद खाली चल रहे हैं।
मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार जुकरिया ने बताया कि शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के कई पद रिक्त होने के बावजूद बोर्ड परीक्षा के लिए सारे इंतजाम कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कार्यरत स्टाफ के सहारे ही परीक्षा की व्यवस्थाओं का संचालन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परीक्षा के समय सबसे बड़ी जिम्मेदारी केंद्र व्यवस्थापक और कस्टोडियन की होती है। इन पदों पर अनुभवी और वरिष्ठ शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। परीक्षा के लिए कुल 96 केंद्र बनाए गए हैं। हाईस्कूल और इंटर की परीक्षाओं का संचालन एक साथ होगा। हर कक्ष में कम से कम दो कक्ष निरीक्षक तैनात किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की ड्यूटी को अंतिम रूप दे दिया गया है। जल्दी ही शिक्षकों को परीक्षा संचालन के लिए विद्यालयों से रिलीव किया जाएगा।
डीडीहाट में प्रधानाचार्य के सभी पद रिक्त
डीडीहाट विकासखंड में किसी भी इंटर कॉलेज और हाईस्कूल में प्रधानाचार्य नहीं हैं। इसके अलावा डीडीहाट में खंड शिक्षा अधिकारी और उपशिक्षा अधिकारी का पद भी रिक्त चल रहा है। धारचूला, मुनस्यारी और गंगोलीहाट में भी खंड शिक्षा अधिकारी नहीं हैं। इन विकासखंडों में परीक्षा संचालन के समय वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।