पिथौरागढ़ की सड़कों पर चल रहे 12 टायर वाले ट्रक
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पर्वतीय मार्ग पर 90 क्विंटल से अधिक भार ढोने में प्रतिबंध के बावजूद पिथौरागढ़ में 12 टायरा ट्रकों का संचालन धड़ल्ले से हो रहा है। इनमें 200 क्विंटल तक राशन ढोया जा रहा है और परिवहन विभाग आंखें मूंदें बैठा है।
उच्चतम न्यायालय के पर्वतीय मार्गों पर ओवरलोडिंग पर रोक के आदेशों की इस जिले में धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। 12 टायरा ट्रक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का राशन ढो रहे हैं। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे खाद्य विभाग के गोदाम में राशन पहुंचा रहे हैं। इसी महीने राशन लेकर पहुंचे कई 12 टायरा ट्रक कैमरे में कैद हुए हैं। ऐसा तब हो रहा है जब एक अधिवक्ता ने हाइकोर्ट में दायर याचिका में टनकपुर-पिथौरागढ़ मार्ग पर 12 टायरा ट्रक में 200 क्विंटल तक राशन ढोने का मामला उठाया है। शुक्रवार को ही इस मामले में हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
वैसे पहाड़ पर 90 क्विंटल सामान ढोना अनुमन्य है। देवभूमि ट्रक एसोसिएशन पिथौरागढ़ लगातार इस मामले को उठाता रहा है। 200 क्विंटल सामान ढोने वाले 12 टायरा ट्रकों से पुल और सड़क को खतरा होने, वाहनों के भार के चलते सुरक्षा दीवार कमजोर होने का मामला उठता रहा है। देवभूमि ट्रक एसोसिएशन के अध्यक्ष शमशेर महर का कहना है कि अधिक भार वाले वाहनों का संचालन कराकर सड़क, पुलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। परिवहन विभाग 12 टायरा ट्रकों का अवैध संचालन कर नियमों की तो बखिया उधेड़ ही रहा है, न्यायालय के आदेशों की भी अवहेलना कर रहा है।
ट्रकों को सीज करने के सवाल को टाल गए एआरटीओ
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी नवीन सिंह कहते है कि पिछले महीने चार 12 टायरा ट्रकों के चालान किए थे। एक बार फिर से 12 टायरा ट्रकों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। ट्रकों का चालान किया जाएगा। अवैध रूप से चल रहे ट्रकों को सीज क्यों नहीं किया जा रहा है, के सवाल को एआरटीओ टाल गए।