नजंग से मालपा जाने वाला संकरा पैदल रास्ता
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नजंग और मालपा के बीच लोनिवि ने पैदल रास्ता तैयार तो कर लिया है, लेकिन यह रास्ता कई स्थानों पर इतना संकरा है कि उसमें सामान समेत खच्चरों को ला पाना संभव नहीं है। अब तक सामान लेकर मालपा से एक भी खच्चर नजंग और मांगती नहीं पहुंच पाया है। अब माइग्रेशन पर घाटियों को लौटने वाले और भारत-तिब्बत व्यापार में शामिल होकर आने वाले व्यापारियों के सामने नया संकट खड़ा हो गया है। मालपा और मांगती में 13 अगस्त की देर रात बादल फटने से भारी तबाही मची थी।
खच्चर यूनियन के खड़क सिंह, जयराज सिंह, रूप सिंह, धीरेंद्र सिंह ने कहा कि पहले से आपदा की मार झेल रहे और विगत दो माह से गुंजी में बेरोजगार फंसे हुए खच्चर स्वामियों को अपने खच्चरों की सलामती की चिंता सता रही है। ऐसे खतरनाक रास्ते पर कभी भी खच्चर गिर सकते हैं। खच्चर यूनियन ने कहा कि नजंग नाले से गर्बाधार के ओर भी संपर्क मार्ग टूटा है, इसमें खच्चरों का चलना संभव नहीं है।
बता दें कि मालपा और मांगती के बीच लगभग तेरह सौ मीटर पैदल मार्ग नष्ट हो चुका था। रास्ता बनने तक लोगों को रस्सी की सीढ़ी के सहारे आना पड़ा। एक सप्ताह पहले लोनिवि ने पैदल रास्ता तो तैयार कर दिया, लेकिन कम से कम सामान लादकर इस रास्ते से खच्चरों को ला पाना संभव नहीं है। लोनिवि के सहायक अभियंता जीएस जनौटी, जेई इंद्र सिंह बोरा, आदित्य पाटनी का कहना है कि संकरे पैदल रास्ते की मरम्मत का काम चल रहा है। अब एक-दो स्थानों पर ही दिक्कत है। उसे जल्दी ठीक कर लिया जाएगा।