पिथौरागढ़। भूस्खलन और बोल्डर आने से सीमांत जिले की 12 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। बादल फटने से बीते दिन गुंजी-लिपुलेख सड़क कई जगह पर ध्वस्त हुई है। बीआरओ कर्मी सड़क को सुचारू करने में जुटे हैं। सड़क बनने में अभी काफी समय लगेगा।
जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार अनुसार डोर-सैंणरांथी, नाचनी-भैंसकोट, छिरकिला-जम्कू और बांसबगड़-कोटा-पंद्रहपाला सड़कें बारिश के चलते बह गई हैं। इनके अलावा मसूरीकांठा-होकरा, आदीचौरा-सींणी, डीडीहाट-आदीचौरा-हुनेरा, देवविसौना-गराली, नाचनी-बांसबगड़-रायबजेता, मालाकोट-लोध, तवाघाट-थानीधार तथा घट्टाबगड़-लिपुलेख सड़क बोल्डर आने, बैली ब्रिज ध्वस्त होने ध्वस्त होने से बंद है। बीआरओ नुकसान का आकलन कर रहा है।
इधर बृहस्पतिवार को सुबह से ही मौसम सुहावना रहा। धूप खिलने से लोगों ने भी राहत की सांस ली। बारिश नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग खरीदारी करने को पहुंचे। बाजार में आवाजाही रहने से दुकानदारों के चेहरे भी खिले रहे। संवाद
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24 घंटे में कहां कितनी बारिश मिमी में
पिथौरागढ़ 5.4
गंगोलीहाट 4.1
बेड़ीनाग 2.0
डीडीहाट 1.6
मुनस्यारी 3.0
धारचूला शून्य
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काली नदी चेतावनी स्तर से पार
धारचूला। काली नदी चेतावनी स्तर 889 मीटर से 889.20 मीटर पर बह रही है। इसका खतरे का निशान 890 मीटर पर है। प्रशासन ने नदी किनारे रह रहे लोगों से सावधान रहने को कहा है। अन्य नदियों का जलस्तर अभी सामान्य है। संवाद
नहीं खुल पाया पूर्णागिरि धाम मार्ग, बाटनागाड़ में मलबा हटाने का काम जारी
निगरानी के लिए मौके पर डटे रहे एसडीएम, रात में भी काम जारी रखने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
टनकपुर (चंपावत)। बीते 17 दिनों से बंद पड़ा मां पूर्णागिरि धाम मार्ग बृहस्पतिवार को भी नहीं खुल पाया। प्रशासन की निगरानी में बाटनागाड़ में आए भारी मलबे को हटाने का काम तेजी से चल रहा है।
मूसलाधार बारिश से उफनाए बाटनागाड़ नाले में चार जुलाई को भारी मलबा आने से पूर्णागिरि धाम मार्ग बंद हो गया था जो अब तक नहीं खुल पाया है। मार्ग बंद होने से जहां दूरदराज से मां पूर्णागिरि धाम के दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं को बगैर दर्शन के लौटना पड़ा, वहीं पूर्णागिरि धाम और आसपास के गांवों का टनकपुर से सड़क संपर्क कटा हुआ है।
इधर लोनिवि की टीम पोकलेन और जेसीबी से मलबा हटवाकर मार्ग खोलने के प्रयास में जुटी लेकिन लेकिन रुक-रुककर हुई मूसलाधार बारिश सड़क खोलने के काम में बाधक बनी। बुधवार की दोपहर से मौसम खुला है और सड़क खोलने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया है। बृहस्पतिवार को एसडीएम सुंदर सिंह खुद मौके पर जाकर मलबा हटाने के काम की निगरानी करते रहे। उन्होंने लोनिवि के अधिकारियों को रात में भी काम जारी रखने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने बताया कि बारिश नहीं हुई तो शुक्रवार की शाम तक सड़क खुलने की संभावना है।
बाटनगाड़ मलबा निस्तारण पर समिति ने डीएम को भेजी रिपोर्ट
वन निगम हटाएगा बाटनागाड़ का मलबा
पांच सदस्यीय समिति को मलबे की मात्रा से लेकर निस्तारण का देना था सुझाव
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। टनकपुर-ठुलीगाड़ सड़क पर बाटनागाड़ क्षेत्र में लंबे समय से परेशानी का कारण बन रहे मलबे के निस्तारण के उपाय सुझाने के लिए गठित समिति ने बृहस्पतिवार को डीएम को रिपोर्ट भेज दी। टनकपुर के एसडीएम सुंदर सिंह ने बताया कि रिपोर्ट में मलबे के निस्तारण के उपाय के साथ आगे से मलबा एकत्र न हो इसके लिए सुझाव दिए गए हैं लेकिन इन संस्तुतियों को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
बता दें कि डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने 14 जुलाई को एसडीएम की अध्यक्षता में पांच सदस्यों की समिति का गठन किया था। खनन, वन, लोनिवि और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को मिलाकर समिति को उपखनिजों के चिह्नीकरण, रॉयल्टी के निर्धारण के साथ मलबे के निस्तारण के लिए उपाय सुझाने थे। डीएम ने बताया कि समिति ने सर्वे पूरा कर लिया है। वन निगम के माध्यम से मलबे को हटवाया जाएगा।
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जिले की पांच सड़कें बंद
चंपावत। चंपावत जिले की चार ग्रामीण सड़क अभी बंद है। पूर्णागिरि धाम जाने वाली सड़क बाटनागाड़ पर चार जुलाई से बंद है। इससे पूर्णागिरि क्षेत्र के अलावा सीमांत चूका आदि इलाकों में दूध और सब्जियों की किल्लत हो रही है। इसके अलावा टनकपुर ककरालीगेट-ठुलीगाड़, धौन-सल्ली, स्याली-पोथ और अमोड़ी-छतकोटी सड़कें भी बंद हैं। संवाद
आपदा के दौरान आपसी सामंजस्य पर जोर
धारचूला(पिथौरागढ़) तहसील धारचूला की संवेदनशीलता को देखते हुए मानसूनकाल में आपदा प्रबंधन के संबंध में मिलिट्री स्टेशन में एसडीएम दिवेश शासनी और प्रशासनिक अधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। इसमें आपातकालीन परिचालन केंद्र और अन्य संबंधित विभागों के बीच आपसी सामंजस्य बनाते हुए राहत, बचाव कार्य को सुव्यवस्थित तरीके से करने पर चर्चा कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। संवाद
सत्याल गांव में दलदल में धंस रहे खेत
थल (पिथौरागढ़)। बिरमथल में दो साल से बन रहे टैक्सी स्टैंड के निर्माण में सुस्त गति से कार्य हो रहा है। सुरक्षा दीवार नहीं बनाने से सत्याल गांव के कई खेत भूस्खलन की चपेट में आने से दलदल में धंसते जा रहे हैं।
बिरमथल में 54 लाख की लागत से टैक्सी स्टैंड का कार्य चल रहा है। ठेकेदार ने पूर्व में इस जगह को खोदकर छोड़ दिया था जिससे इसके ऊपर के खेत धंसने लगे थे। उसके बाद सीमेंट की जाल युक्त दीवार का काम शुरू किया गया। दीवार का कार्य धंस रही जमीन से शुरू नहीं किया गया। इसके चलते सत्याल गांव के लोगों के पांच-छह खेत जमींदोज हो गए।
तब डीएम ने निरीक्षण कर ऊपर की ओर धंस रही जमीन की सुरक्षा के उपाय करने के निर्देश दिए थे लेकिन तब से दो बरसात निकल चुकी हैं और सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किए गए। टैक्सी स्टैंड की दीवार के पीछे बारिश का पानी भी एकत्र हो रहा है। मकानों को संभावित खतरा देखते हुए सत्याल गांव निवासी ऋतुराज सत्याल और सुनील सत्याल ने एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा हैं। संवाद
बरसाती नाले के कटाव की भेंट चढ़ी कृषि भूमि, फसल को भी नुकसान
जनप्रतिनिधियों ने उठाई कटाव रोकने और मुआवजे की मांग, सीएम को ज्ञापन भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
टनकपुर (चंपावत)। तीन दिन पूर्व हुई मूसलाधार बारिश से उफनाए बरसाती नाले ने डांडा मल्ला ग्राम पंचायत में खासा नुकसान किया है। नाले से जहां कई काश्तकारों की कृषि भूमि कटाव की भेंट चढ़ी है, वहीं फसलों को भी काफी नुकसान हुआ है। जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर बचाव कार्य कराने और प्रभावित काश्तकारों को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई है।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में विधायक प्रतिनिधि दीपक चंद रजवार के माध्यम से भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि 18 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश से उफनाए गांव के बरसाती नाले से काफी नुकसान हुआ है। छह दर्जन ग्रामीणों की कृषि भूमि कटाव की भेंट चढ़ी है। इसके अलावा अदरक, मडुवा, गहत दाल और धान की फसल बर्बाद हो गई है। तेजी से कटाव कर रहे नाले से कई आवासीय भवन और राजकीय प्राथमिक विद्यालय लोहारज्यूला के भवन को भी खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने कहा कि कटाव की रोकथाम के लिए जल्द सुरक्षा कार्य नहीं कराया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। ज्ञापन देने वालों में ग्राम प्रधान भगवान सिंह बोहरा, बीडीसी सदस्य अनीता महरा, महिला मंगल दल अध्यक्ष खष्टी देवी, सचिव प्रेमा, कोषाध्यक्ष मोहिनी देवी, पूर्व बीडीसी सदस्य जगदीश चंद्र परगांई, दिवान सिंह, विक्रम सिंह, धर्मेंद्र सिंह, उमेद सिंह आदि शामिल रहे।
जर्जर पंचायत घर की मरम्मत कराने की मांग
लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड के नेपाल सीमा से लगे ग्राम पंचायत मजपीपल में जर्जर पंचायत घर के भवन की मरम्मत की मांग के लिए ग्रामीणों ने एसडीएम रिंकू बिष्ट को ज्ञापन सौंपा। मजपीपल के ग्रामीण जोगा सिंह के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा है कि गांव में वर्षों पूर्व बने पंचायत घर की हालत बेहद जर्जर बनी हुई है। यह भवन कभी भी जमींदोज हो सकता है। कहा कि पंचायत भवन का फर्श पूरी तरह टूट गया और खिड़कियां और दरवाजे भी टूट गए हैं। इससे आए दिन जानवर पंचायत घर में घुस रहे हैं। उन्होंने एसडीएम से जीर्ण पंचायत भवन की मरम्मत कराने की मांग की है। संवाद