पिथौरागढ़। अस्कोट के द्वालीसेरा में बुधवार शाम काली नदी में बहे जवान का दूसरे दिन भी कोई पता नहीं लगा। पुलिस, आईटीबीपी और एसएसबी के जवानों ने काली नदी किनारे ड्योड़ा तक सर्च अभियान चलाया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मिर्थी में तैनात जवान भूपेंद्र प्रसाद (32) पुत्र गोपराम निवासी द्वालीसेरा छुट्टी लेकर बच्चों के साथ घर गया था। शाम को अपने दोस्त अशोक सिंह के साथ वह घूमने के लिए काली नदी के तट पर गया। इसी बीच काली नदी में गिरने से वह बह गया। अस्कोट के एसओ मोहम्मद आसिफ खान ने बताया कि भूपेंद्र पानीखाना घाट पर काली नदी में नहाने के लिए उतरा। उसने पेंट भी किनारे पर उतारी और नदी में चला गया।
उसका दोस्त अशोक उफनाई काली नदी में नहाने से डर गया। भूपेंद्र अच्छा तैराक था, लेकिन वह पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाया। जिस जगह पर वह नदी में उतरा वहां पर भंवर भी बताया जा रहा है। संभवत: भूपेंद्र भंवर में फंस गया और वापस नहीं निकल पाया।
बृहस्पतिवार को एअसो खान के साथ ही एसआई एचआर टम्टा, संजय बिष्ट, संदीप राणा, राजेंद्र प्रसाद, शैलेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, पंकज के साथ ही एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट जसवंत सिंह और आईटीबीपी के जवानों ने काली नदी में ड्योड़ा तक सर्च अभियान चलाया, लेकिन भूपेंद्र का कहीं पता नहीं चला। नदी आगे काफी संकरी है और बोल्डर हैं। साथ ही बारिश के चलते सर्च अभियान चलाने में दिक्कत आ रही है।
बच्चे के इलाज को ली थी छुट्टी
पिथौरागढ़। आईटीबीपी जवान भूपेंद्र ने 14 जुलाई से दस दिन की छुट्टी ली थी। वह बुधवार को ही पत्नी ममता और चार साल के बेटे को लेकर बुजुर्ग मां-बाप से मिलने घर पहुंचा था। घर में उसकी दादी भी है। बताया जाता है कि उसका बेटा बोल नहीं पाता है। भूपेंद्र उसे हल्द्वानी में किसी अच्छे डॉक्टर को दिखाना चाहता था। भूपेंद्र के नदी में बहने से उसके घर पर कोहराम मचा है।