नित्थर, झल्ली और घरोली सहित अन्य गांव में एक सप्ताह से पेयजल की किल्लत
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। बीस हजार की आबादी वाले डीडीहाट नगर के लोग जाड़ों में ही पेयजल संकट से जूझने लगे हैं। प्राकृतिक स्रोतों के सहारे बनी यहां की पेयजल योजना पर अभी से संकट छाने लगा है। तीन प्राकृतिक स्रोतों का पानी 30 फीसदी तक कम हो गया है। नगर के कई हिस्सों में जल संस्थान सिर्फ एक समय आंशिक रूप से जलापूर्ति कर पा रहा है। इस बार मानसून की वर्षा औसत से कम होने और जाड़ों में बारिश न होने से स्रोतों में लगातार पानी घटता जा रहा है। पिछले वर्ष तक 15 मार्च के बाद ही जल संकट होता था। इस तरह की स्थितियों से जल संस्थान के अधिकारियों की परेशानी बढ़ने लगी है।
नगर क्षेत्र में 20 हजार की आबादी के लिए रोजाना 1.6 एमएलडी पानी की जरूरत है लेकिन इस समय 1.2 एमएलडी पानी मिल रहा है। नगर के तहसील वार्ड और जीआईसी वार्ड में अब लोगों को सिर्फ एक समय पानी दिया जा रहा है। जल संस्थान के जेई त्रिवेंद्र जोशी ने बताया कि नगर के लिए सात स्रोतों से पानी एकत्र कर लाया जाता था। इनमें से भनड़ा, लेकमाल, घिमाली स्रोत का पानी कम हो गया है। अन्य स्रोतों में भी पानी लगातार कम हो रहा है। जल संस्थान के ईई बिलाल यूनुस ने बताया कि इस बार पेयजल संकट से निपटने की तैयारी समय से पहले ही करनी पड़ जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि पानी का दुरुपयोग न करें और विभाग को सहयोग दें।
पंपिंग योजना का काम ठप होने से लोग निराश
डीडीहाट। डीडीहाट नगर के लिए 2011 में स्वीकृत पेयजल पंपिंग योजना का काम ठप है। वर्ष 2014 में इस योजना के लिए थल में रामगंगा में पंप लगा दिया गया था लेकिन आगे का काम करने के लिए धन नहीं मिल पाया। इस कारण यह पूरी नहीं हो पाई है। अधिवक्ता संस्था के अध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान और राज्य आंदोलनकारी महेश चंद्र पंत ने कहा कि पंपिंग योजना का निर्माण छह साल में पूरा न होना गंभीर चिंता का विषय है।
जिला मुख्यालय के कई हिस्सों में पानी नहीं आया
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय में खड़कोट, घंटाकरण, सेरा, लुंठ्यूड़ा, जीआईसी रोड समेत तमाम हिस्सों में सोमवार को पेयजलापूर्ति ठप रही। बताया गया है कि घाट पंपिंग योजना की लाइन में खराबी आ जाने के लिए पानी लिफ्ट नहीं हो पाया। इधर, बिजली लाइन की मरम्मत के कारण जल संस्थान ने 27, 28 दिसंबर को पेयजल की आपूर्ति ठप रहने की सूचना प्रसारित की है।