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अंगद नाम बालि कर बेटा...

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पिथौरागढ़। जाख की रामलीला में अंगद-रावण संवाद का मंचन किया गया। पंडा की रामलीला में ताड़का वध, बलुवाकोट की रामलीला में राम वनवास का मंचन किया गया।
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जाख की रामलीला में रावण दरबार पहुंचे अंगद से रावण परिचय पूछता है। अंगद कहते हैं-अंगद नाम बालि कर बेटा, तो सों कबहुं हुई नहीं भेंटा। अंगद और रावण के बीच संवाद होता है। अंत में अंगद अपना पैर जमीन पर जमाते हुए उठाने की चुनौती देते हैं। मेघनाद के साथ ही कई राक्षस अंगद का पैर हिला तक नहीं पाते।

रावण अंगद का पैर उठाने आता है, अंगद कहते हैं-अरे नीच मेरे पैर क्या पकड़ता है, भगवान रामचंद्र जी के पैर पकड़ तेरा उद्धार होगा। मुख्य अतिथि पुलिस उपाधीक्षक शेखर सुयाल थे। विशिष्ट अतिथि कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, शंकर खड़ायत, संतोष गोस्वामी थे।
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पंडा की रामलीला में ताड़का वध की लीला का मंचन किया गया। ताड़का का किरदार देवेश सौन ने निभाया। मुख्य अतिथि विरेंद्र सिंह बोहरा, यशवंत महर, पवन महर थे। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह बिष्ट ने सभी का आभार जताया। बलुवाकोट की रामलीला में राम वनवास, केवट के भगवान राम, सीता, लक्ष्मण को सरयू पार उतारने की लीला का मंचन किया गया। मुस्लिम समाज के हाफिज केवट की भूमिका में थे। हाफिज बलुवाकोट की रामलीला में कई किरदार निभाते हैं।
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