झूलाघाट (पिथौरागढ़)। टनकपुर-जौलजीबी सड़क निर्माण का मलबा तालेश्वर धाम के कुंड में डालने से नाराज ग्रामीणों ने पीडब्लूडी के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने शीघ्र मलबा न हटाने पर विभाग के खिलाफ आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
टनकपुर-जौलजीबी सड़क पर इन दिनों महाकाली नदी के किनारे तालेश्वर से आगे कार्य चल रहा है। सड़क निर्माण का काम पीडब्लूडी डिविजन अस्कोट की ओर से किया जा रहा है। सड़क के पांच किमी के हिस्से में पहाड़ी की कटिंग का काम चल रहा है। नियम के तहत ठेकेदार को आबादी क्षेत्र में कटिंग कर मलबा दूसरी जगह डालने का प्रावधान है। बावजूद इसके मलबे को सड़क के नीचे ही गिरा दिया जा रहा है।
मलबा तालेश्वर धाम के कुंड में जा रहा है। कुछ दिनों बाद बरसात शुरू होने वाली है। ऐसे में मलबा नहीं हटाया गया तो महाकाली नदी का पानी पूरे मंदिर में आ जाएगा। तालेश्वर मंदिर लाखों लोगों की आस्था का केंद्र है। यहां पर नेपाल के श्रद्धालु भी पूजा के लिए आते हैं। कुछ दिन पहले ग्रामीणों ने इसकी शिकायत क्षेत्रीय विधायक विशन सिंह चुफाल से भी की थी। उसके बावजूद बदस्तूर मलबा डाला जा रहा है। गेठिगाड़ा के पूर्व प्रधान भीम सिंह गोबाड़ी का कहना है कि अगर विभाग ने कुंड का मलबा साफ नहीं किया तो वे मंदिर को बचाने के लिए आमरण अनशन शुरू करने को विवश होंगे।
प्रदर्शन करने वालों में भूपेंद्र सिंह बिष्ट, सुरेंद्र सिंह गोबाड़ी, नरेंद्र सिंह महर, महेश गोबाड़ी, मुन्नी देवी, लक्ष्मी देवी आदि शामिल रहे।
बुंगाछीना-कुसैल रोड पर पेड़ गिरा, यातायात ठप
क्षेत्र के लोगों ने सड़क से पेड़ हटाया
लोगों ने सड़क की दुर्दशा के खिलाफ की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
पिथौरागढ़। बुंगाछीना-कुसैल सड़क बुधवार रात चीड़ का पेड़ गिरने से बाधित हो गई। आसपास के गांव के लोगों ने सड़क पर गिरे पेड़ को हटाया। कई घंटे बाद यातायात बहाल हुआ। इस सड़क पर तुलानी समेत कई स्थानों में अब भी मलबा गिरा है।
बुंगाछीना-कुसैल सड़क पर दंतोली और कुसैल के बीच बुधवार रात किसी समय चीड़ का पेड़ गिर गया। बृहस्पतिवार सुबह सुवालेख, जिला मुख्यालय को आने वाले तमाम वाहन मौके पर फंस गए। वाहन स्वामी बालम सिंह, ग्रामीण भगवान सिंह, अर्जुन सिंह, जगदीश सिंह, आन सिह, धर्मा देवी आदि ने पेड़ काटकर सड़क से हटाया। इसके बाद करीब सुबह 9 बजे सड़क पर यातायात बहाल हुआ। इससे पहले इन लोगों ने सड़क की बदहाली को लेकर नारेबाजी की। कुसैल से नीचे तुलानी क्षेत्र में कई स्थानों पर मलबा पसरा होने के कारण वाहन तुलानी नहीं जा पा रहे हैं। तमाम स्थानों में मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है।
सड़क की देखरेख का जिम्मा लोनिवि के सिंचाई खंड का है। विभाग ने सड़क से मलबा हटाने के लिए मजदूर लगाए थे। बृहस्पतिवार को सड़क में मजदूर भी नहीं थे। जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार का कहना है कि सड़क काफी खतरनाक बनी हुई है। लोनिवि सिंचाई खंड के सहायक अभियंता केके जोशी का कहना है कि सड़क से काफी हद तक मलबा हटा दिया गया है। वाहनों का संचालन हो रहा है। डामरीकरण के टेंडर हो गए हैं। आचार संहिता हटने के बाद डामरीकरण का कार्य शुरू हो जाएगा।
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