क्षेत्र में बुधवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि के चलते छह बकरियों की मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक मवेशी लापता हो गए। कई गांवों में मकान और पैदल रास्तों को भी खासा नुकसान पहुंचा है।
बृहस्पतिवार को विकास खंड के विभिन्न गांवों से ग्रामीण तहसील पहुंचे और नुकसान की जानकारी दी। ओलावृष्टि के दौरान जंगल में चरने गए जानवर इसकी चपेट में आ गए। जंगल से लौटते समय ओलों की चपेट में आने से खोला गांव में धनी राम, खष्टी देवी की दो-दो बकरियों की मौत हो गई। लोहाथल गांव में किशन राम की एक बकरी की मौत हो गई, जबकि एक अन्य बकरी लापता हो गई। उनका एक बैल भी उफनाए नाले में बह गया। बताया जाता है कि 12 से अधिक लोगों के पशु लापता हो गए हैं।
महिला मंगल दल नागिलागांव से दुर्गा जोशी के नेतृत्व में तहसील पहुंची महिलाओं ने तहसीलदार को गांव में हुई क्षति की जानकारी दी। पांखू, लोहाथल, थल, उडियारी, कांडेकिरौली, चौकोड़ी, देवीनगर, राईआगर, पुरानाथल, चौड़मन्या, रीठा रैतोली, थर्प आदि गांवों के ग्रामीणों ने तहसील में ओलावृष्टि से हुए नुकसान की रिपोर्ट दर्ज कराई है। ब्लॉक प्रमुख रेखा भंडारी, यूथ कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष कैलाश चन्याल और युवा पुरस्कार विजेता प्रदीप महरा ने नुकसान का आंकलन कर पीड़ितों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग उठाई है।
उधर, बेड़ीनाग के तहसीलदार रमेश कुमार का कहना है कि ओलावृष्टि से हुई क्षति के आकलन के लिए सभी गांवों में राजस्व उपनिरीक्षक और कृषि विभाग की टीम को भेज दिया गया है। क्षति का आंकलन करने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। मरे हुए मवेशियों का पोस्टमार्टम कराकर नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।