झूलाघाट (पिथौरागढ़)। कटखने बंदरों ने शुक्रवार एवं शनिवार को कस्बे की जानकी श्रेष्ठ, कमला गड़कोटी, पारस चंद और मुन्नी देवी को काट दिया, लेकिन यहां के सरकारी अस्पताल में रैबीज का इंजेक्शन न होने से इन्हें 36 किमी दूर पिथौरागढ़ आकर इलाज कराना पड़ रहा है।
व्यापार संघ अध्यक्ष संजीव जोशी ने वन विभाग से बंदरों को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ऊषा गुंज्याल ने कहा कि रैबीज के इंजेक्शन जिला अस्पताल में ही मिलते हैं। उन्होंने कहा कि मरीज को बंदर के काटने पर रनिंग वाटर में साबुन लगाकर धो लेना चाहिए। जितने लोगों को काटा गया है वे जिला अस्पताल से इंजेक्शन को स्वीकृत कराकर आईस बाक्स में ले जाकर वहां भी लगा सकते हैं।