बेड़ीनाग में बानचूर के पास खड़ा 108 वाहन
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कांडेकिरौली से एक मरीज को लेकर आ रहा 108 आपात वाहन आधे रास्ते में खराब हो गया। मरीज के लिए बाद में तहसील मुख्यालय से खुशियों की सवारी भेजी गई। 108 वाहन अब भी जंगल में खड़ा है। बृहस्पतिवार को किसी भी मरीज को 108 वाहन की सुविधा नहीं मिल पाई, जबकि सुबह आठ से शाम तक 108 वाहन के लिए तीन लोगों ने फोन किया था।
बताया गया कि बुधवार रात करीब आठ बजे कांडेकिरौली निवासी रेणुका विश्वकर्मा (15) पुत्री त्रिलोक राम की तबियत खराब होने पर 108 वाहन से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेड़ीनाग ले जाया जा रहा था। उडियारी बैंड से थोड़ा आगे बानचूर के जंगल में पहुंचते ही यह वाहन खराब हो गया। चालक ने वाहन को सड़क के किनारे खड़ा कर दिया और उससे आगे जा पाने में असमर्थता जता दी। रेणुका को लेकर आ रहे परिजनों ने फिर खुशियों की सवारी वाला वाहन मंगाया। करीब डेढ़ घंटे इंतजार के बाद खुशियों की सवारी वाहन से रेणुका को अस्पताल लाया गया। जहां रेणुका की हालत ठीक होने पर उसे घर भेज दिया गया।
वहीं, बृहस्पतिवार सुबह भी इस 108 वाहन का संचालन नहीं हो पाया क्योंकि उसे ठीक करने के लिए अब तक मैकेनिक नहीं मिल पाया है। 108 आपात सेवा के कर्मचारियों ने बताया कि पिछले छह महीने से वाहन में कोई न कोई खराबी आती जा रही है। उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि वाहन की हालत संचालन के योग्य नहीं रह गई है। यह किसी भी वक्त मरीजों को धोखा दे सकता है। उधर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. उषा गुंज्याल ने बताया कि नए 108 वाहनों के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। यदि नए वाहन मिल जाते हैं तो इस समस्या का समाधान हो जाएगा।