धारचूला अस्पताल में पड़ी बीमार सीता देवी
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गंभीर रूप से बीमार एक महिला को जिला अस्पताल ले जाने के लिए 108 वाहन नहीं मिल पाया। महिला के परिजनों ने पूरे नौ घंटे तक वाहन का इंतजार किया। आखिरकार इस गरीब महिला को व्यापारियों ने चंदा एकत्र कर प्राइवेट वाहन से जिला अस्पताल भेजने की व्यवस्था की। वहीं, धारचूला का 108 वाहन ईंधन के लिए पैसा न मिलने के कारण एक हफ्ते से खड़ा है।
तहसील मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर पांगला निवासी शंकर सिंह की पत्नी सीता देवी रविवार रात पेट में तकलीफ होने के कारण बेहोश हो गई थी। गांव के लोगों ने रात ही में 108 सेवा को फोन किया, लेकिन वाहन नहीं आया। सोमवार सुबह पांच बजे शंकर सिंह एवं गांव के अन्य लोग सीता देवी को प्राइवेट वाहन में बैठाकर धारचूला अस्पताल लाए। यह लोग सुबह आठ बजे अस्पताल पहुंच गए थे। डॉक्टरों ने चेकअप के बाद कहा कि सीता देवी को तत्काल जिला अस्पताल ले जाओ। फिर परिजनों ने 108 वाहन को फोन किया। वहां से जवाब मिला कि ईंधन न होने के कारण वाहन का संचालन बंद है। शंकर सिंह ने यह जानकारी व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा को दी।
थापा ने व्यापारियों एवं अन्य लोगों से चंदा कर अपरान्ह पांच बजे सीता देवी को जिला अस्पताल भेजने के लिए प्राइवेट वाहन की व्यवस्था की। थापा ने कहा कि मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में जब 108 आपात सेवा का यह हाल है तो प्रदेश के अन्य इलाकों के बारे में खुद ही सोचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पहले तो सीता देवी को पांगला से लाने के लिए 108 वाहन को जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि इससे बड़ी शर्म की बात और क्या हो सकती है कि एक हफ्ते से वाहन खड़ा है और किसी भी जनप्रतिनिधि को इसकी चिंता नहीं है। सीता देवी गरीब परिवार की है। उनके पास प्राइवेट वाहन बुक करने के लिए पैसा नहीं था।