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नहीं मिली 108, नन्हीं जान बचाने को 5500 में बुक कराई एंबुलेंस

Mon, 29 Apr 2019 10:32 PM IST
kamlesh kamlesh ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
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पिथौरागढ़ के जिला अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़। - फोटो : पिथौरागढ़
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पिछले एक सप्ताह से पटरी से उतरी 108 सेवा अभी बहाल नहीं हो पाई है। इसके चलते गरीब मरीजों की जान संकट में है। 108 नहीं मिलने से एक गरीब पिता को नन्हीं नवजात की जान बचाने के लिए 5500 रुपये में एंबुलेंस बुक करनी पड़ी।
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पिछले एक सप्ताह से जिले में 108 आपातकालीन सेवा और खुशियों की सवारी का संचालन ठप पड़ा है। इसके चलते गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों की जान संकट में फंसी हुई है। आपात स्थिति में एंबुलेंस नहीं मिलने से मरीजों के लिए प्राइवेट वाहनों की व्यवस्था करनी पड़ रही है। सोमवार को भी जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से मरीज और गर्भवती महिलाएं वाहन बुक कराकर जिला अस्पताल और महिला अस्पताल पहुंचे। महिला अस्पताल में नैकिना निवासी भावना का सिजेरियन हुआ। नवजात को इंफेक्शन की शिकायत होने और स्थानीय स्तर पर उपचार की सुविधा नहीं होने से उसे हायर सेंटर रेफर करना पड़ा। नवजात को हल्द्वानी ले जाने की सलाह देने पर परिवार के सदस्य परेशान हो उठे। परिवार की माली हालत कमजोर होने के बावजूद परिजनों ने नवजात को बचाने के लिए 5500 रुपये में एंबुलेंस बुक कराई।

खुशियों की सवारियों की चाबियां अस्पताल प्रशासन को सौंपी
पिथौरागढ़। 108 एंबुलेंस का करार नई कंपनी से होने के कारण पिछले कई दिनों से 108 और खुशियों की सवारियों का संचालन ठप पड़ा है। सोमवार को पिथौरागढ़ जिले में संचालित होने वाली नौ खुशियों की सवारी के चालकों ने वाहनों की चाबियां जिला अस्पताल प्रशासन को सौंप दी। अब प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को घर तक पहुंचाने की सुविधा से वंचित रहना पड़ेगा। कुछ स्थानों पर 108 के खराब होने या ईंधन नहीं होने पर खुशियों की सवारी से ही मरीजों को अस्पताल भी पहुंचाया जा रहा था। अब मरीजों को यह सुविधा नहीं मिल सकेगी। करार समाप्त होने से खुशियों की सवारियों के चालकों का भविष्य भी अधर में है। खुशियों की सवारी के चालकों को अब रोजगार की तलाश में भटकना पड़ेगा।
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सोमवार को जिला अस्पताल पहुंचे 774 मरीज
पिथौरागढ़। बढ़ती गर्मी के साथ ही मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। सोमवार को 774 मरीज जिला अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों के केबिन के बाहर अपराह्न दो बजे तक मरीजों की लाइन लगी रही। 120 बेड की क्षमता वाले जिला अस्पताल में सोमवार को दिन में एक बजे तक 110 मरीज भर्ती हो चुके थे। अस्पताल में बढ़ रही मरीजों की संख्या को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने बरामदे में भी बेड लगा दिए हैं। जिला अस्पताल की पीएमएस डॉ.निर्मला पुनेठा ने बताया कि अस्पताल में मरीजों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। स्टाफ को वार्डों में सफाई व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। ब्यूरो
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