पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय के नजदीकि गांव पपदेव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने के लिए बच्चे नहीं रहे जिसके चलते विद्यालय खाली हो गया है। सरकारी स्कूल की बदहाली के चलते गांव के अभिभावकों ने अपने पाल्यों को प्राइवेट स्कूलों में डाल दिया। प्रधानाध्यापिका जीवंती जोशी भी पिछले हफ्ते सेवानिवृत्त हो गई। उन्होंने स्कूल में ताला लगाकर विद्यालय की चाबी प्रधान को सौंप दी है।
पपदेव जिला मुख्यालय से लगा हुआ गांव हैं। यहां वर्ष 1996-97 में प्राथमिक विद्यालय शुरू हुआ। इससे पूर्व गांव के बच्चे पढ़ने को बजेटी जाते थे। 2003 में विद्यालय भवन बना और इसे प्राथमिक पाठशाला पपदेव द्वितीय का नाम दिया गया। बजेटी स्थित विद्यालय को पपदेव प्रथम के नाम से जाना जाता है।
विद्यालय में तीन कमरे सरकारी और दो कमरे दान में मिली धनराशि से बनाए गए। सरकारी शिक्षा की बदहाल स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने अपने बच्चों को पब्लिक स्कूलों में पढ़ाना शुरू किया। इस बीच विद्यालय में महज दो नेपाली बच्चे ही रह गए थे। अब विद्यालय में पूर्ण रूप से ताला लटक गया है। पपदेव की प्रधान ज्योति वर्मा ने बताया कि प्रधानाध्यापिका ने विद्यालय की चाबी उन्हें सौंप दी है।