हर सोमवार को लगने वाले जनता दरबार में इस बार 47 लोग समस्याओं को लेकर पहुंचे। पिथौरागढ़ के डीएम सी रविशंकर ने अधिकारियों को समस्याओं का निपटारा समय पर निर्देश दिए। कहा कि लंबित 120 आवेदनों का निपटारा एक सप्ताह के भीतर हो जाना चाहिए। जनता दरबार में आपदा प्रभावित बस्तड़ी गांव के पुष्कर दत्त भट्ट ने आवासीय भवन के लिए आर्थिक देने की मांग की। थल निवासी चंद्रकला देवी ने बरसात में टूटे मकान का मुआवजा देने की मांग की।
धर्मशाला निवासी प्रमोद कुमार ने पूर्व में जनता दरबार में दर्ज कराई गई समस्या पर कार्यवाही न होने का मामला उठाया। बड़ाबे निवासी सरस्वती देवी ने कहा कि उनका परिवार गरीब है, उनके परिवार को कोई भी सरकारी सहायता नहीं मिलती। पंचेश्वर बांध संघर्ष समिति के केंद्रीय अध्यक्ष गणेश सिंह ने बांध के दायरे में आने वाले निकटवर्ती क्षेत्रों के गांवों को भी प्रभावितों में शामिल करने की मांग उठाई। गुरना निवासी बसंत भट्ट ने आईटीआई भवन, फर्नीचर की जांच की मांग उठाई। सभासद सुबोध बिष्ट ने श्रम विभाग के कार्यालय के पास टकाना के खराब हैंडपंप को ठीक करने की मांग उठाई। जिला अस्पताल, महिला अस्पतालों की समस्या भी उठाई। भगवान रावत ने पांडेगांव मोटर पुल का निर्माण धीमी गति से होने का मामला उठाया। लोनिवि के ईई नवीन जोशी ने बताया कि पुल का निर्माण सीडीओ वंदना ने अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर फरवरी तक हो जाएगा। उन्होंने जिला चिकित्सालय में बाहर से दवा मंगाने का मामला उठाया। सीडीओ ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। सीडीओ ने अधिकारियों को जनता की समस्या सुनने, गांव में चल रहे विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। ग्रामीण भ्रमण की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछले छह माह में जिन परिवारों में बेटियों का जन्म हुआ है, उन परिवारों को सम्मानित करने के साथ ही जागरूकता अभियान चलाया जाए।