रास्ते और पुल बहने के कारण दारमा घाटी के कई गांवों में अब भी 100 लोग फंसे हैं, जिन्हें निकालने के प्रयास जारी हैं। वहीं शुक्रवार को मौसम में सुधार आते ही हेलीकाप्टर से दारमा घाटी के लिए उड़ान भरी। तिदांग, ढाकर, गो और चल गांव में फंसे 48 लोगों को हेलीकाप्टर से धारचूला लाया गया।
एसडीएम एके पांडे ने बताया कि दारमा घाटी में रास्ते और पुल बहने से लोगों के सामने आवागमन की समस्या आ गई थी। गांवों में पूजा तथा छुट्टी बिताने के लिए गए लोग रास्ते टूटने से नहीं आ पा रहे थे। इनको निकालने का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि दारमा घाटी से जो भी लोग धारचूला आना चाहते हैं उनको हेलीकाप्टर से लाया जाएगा। इधर, चल निवासी मीना देवी ने आरोप लगाया कि हेलीकाप्टर के पायलट अपनी मर्जी से उड़ान भर रहे हैं। फंसे हुए लोगों को लाने में रुचि नहीं दिखाई जा रही है। रं कल्याण संस्था के अध्यक्ष अशोक नबियाल ने कहा कि व्यवस्थित तरीके से लोगों को निकालने का काम किया जाए।
रालम में फंसे लोग अभी नहीं निकले
मुनस्यारी। पातो गांव से रालम गांव गए 83 लोगों को निकालने का अब तक कोई प्रयास नहीं किया गया है। लिंगुरानी पुल बहने से यह लोग फंसे हुए हैं। इनमें ज्यादातर स्कूली बच्चे हैं। पातो गांव के ईश्वर सिंह ने शुक्रवार को फिर एसडीएम से मांग की कि फंसे लोगों को निकालने के लिए तत्काल हेलीकाप्टर की व्यवस्था की जाए। प्रशासन अभी हेलीकाप्टर से लोगों को लाने की व्यवस्था नहीं कर पाया है।