देवप्रयाग। विकासखंड देवप्रयाग के चंद्रवदनी क्षेत्र स्थित धरुण रौड़धार में भारी बारिश के बाद बरसों से सूखा मानो गदेरा उफान पर आ गया। इसकी चपेट में आने से घर लौट रहीं महिलाएं किसी तरह बच गईं। गदेरे से आए सैलाब से कई गांवों की भूमि में भारी कटाव हो गया। कई खेत मलबे से पट गए।
टिहरी देवप्रयाग मार्ग से सटे रौड़धार धरुण के सौ साल से अधिक समय से सूखे मानो गदेरा बृहस्पतिवार देर शाम अचानक उफान में आ गया। रौड़धार से करीब एक किमी ऊपर स्थित गदेरे के मुहाने रौड़डांडा से भारी मलबे के साथ तेज रफ्तार पानी आया। टिहरी देवप्रयाग मार्ग से उस समय करीब दस महिलाएं वापस घरों को लौट रहीं थीं। इनमें कुछ आगे निकली ही थीं कि अचानक उफनता गदेरा आ गया। पीछे चल रही महिलाओं ने तुरंत पीछे की ओर दौड़ लगा दी जिससे वह पानी के तेज बहाव की चपेट में आने से बच गईं। उस समय यहां से गुजर रही रेखा देवी, लक्ष्मीदेवी, शोभा देवी ने बताया कि अगर उन्हें पानी की तेज आवाज नहीं सुनाई देती तो वह मलबे की चपेट में आ जातीं। रौड़धार निवासी 75 वर्षीय भगत सिंह के अनुसार मानो गदेरे के बरसात में उफान में आने की बात वह सुनते थे मगर इस बार ही उन्होंने इसको उफान पर आते देखा। वहीं मनोज सिंह कहते हैं कि उफनता गदेरा जहां से गुजरा वहां पेड़-पौधे, पत्थर कुछ नहीं रहे, पूरा बंजर हो गया है। टिहरी देवप्रयाग मार्ग पर गदेरे का भारी मलबा आने से वाहनों की आवाजाही भी ठप पड़ गई। उफनाए गदेरे से रौड़धार सहित छड़ियारा, कांडी विडेडा, सिरमौली, पलेठी वनगढ़ आदि गांवों के खेतों व भूमि को काफी नुकसान हुआ है। क्षेत्र पंचायत सदस्य अरविंद सजवाण ने सरकार से पीड़ित काश्तकारों को मुआवजा देने की मांग की है। राजस्व विभाग की टीम भी गदेरे से इस क्षेत्र में हुए नुकसान का जायजा लेने पहुंची है।