श्रीनगर नगर पालिका परिषद में प्रदर्शन कर नारेबाजी करते कर्मचारी
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वेतन भुगतान की मांग के लिए नगर पालिका के सभी कर्मचारियों का कार्यबहिष्कार दूसरे दिन भी जारी रहा, जिससे नगर में कूड़ा निस्तारण, स्वच्छता, पथ प्रकाश और आवश्यक कार्य ठप हो चुके हैं। बारिश के बाद शहर के करीब 32 स्थानों पर आठ दिनों से जमा कूड़े के ढेरों से बदबू फैलने से आसपास के आवासीय भवनों और राहगीरों सहित स्कूली बच्चों का आनाजान मुश्किल हो चुका है, लेकिन पालिका और प्रशासन की ओर से समस्या के समाधान के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
करीब आठ दिन पूर्व कूड़ा वाहनों के संचालन के लिए डीजल पेट्रोल नहीं मिलने से पालिका की ओर से कूड़ा उठाने वाले वाहनों को पालिका परिसर में खड़ा कर दिया गया था, जिससे शहर से गुजर रहे ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर उफल्डा से स्वीतपुल सहित नगर के विभिन्न मोहल्लों में रखे कूड़ेदानों में कूड़े के ढेर जमा हो गए। इस दौरान आउट सोर्स से तैनात पर्यावरण मित्र ही घरों से कूड़ा उठाते रहे, लेकिन अब वेतन नहीं मिलने पर मंगलवार से सभी कर्मचारियों की ओर से कार्यबहिष्कार शुरू कर दिया गया है।
बुधवार को हुई बारिश से अब इन कूड़ेदानों से भयंकर सड़न फैलने लगी है, जिससे यहां से गुजर रहे लोगों और स्कूली बच्चों का आना जाना मुश्किल हो चुका है। जबकि सड़कों में फैले कूड़े पर चलने से कई लोग चोटिल हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कार्यबहिष्कार के दौरान पालिका परिसर में धरने पर बैठे कर्मियों ने कहा कि जब तक उनको वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तब तक वह कार्य पर नहीं लौटेंगे। इस मौके पर संगठन के अध्यक्ष राजेश कुमार पारछा, सुरेश कुमार, मनोज सिरसवाल, मुकेश सूर्यान, गोविंद सिंह, रणजीत सिंह, संजीव कुमार, संजय राणा, हिम्मत सिंह, दाताराम, श्याम लाल, सुरेंद्र सिंह, वीरेंद्र लाल, रविंद्र सिंह, सरोजनी देवी, विमला, दीपक, कौशल्या आदि मौजूद थे।