श्रीनगर। एलयूसीसी में वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हुई महिला एजेंटों एवं निवेशकों ने पैसा वापस दिलाए जाने की मांग के लिए कीर्तिनगर में राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं ने राजमार्ग पर सांकेतिक जाम लगाने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस प्रशासन ने महिलाओं को राजमार्ग पर जाम नहीं लगाने दिया। इसके बाद महिलाएं सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं।
भारतीय नारी क्रांति मानव चेतना संगठन के बैनर तले एलयूसीसी में वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हुई टिहरी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी जनपदों से रविवार को कीर्तिनगर पहुंची महिलाओं ने पैसा वापस दिलाए जाने की मांग के लिए प्रदर्शन किया। इस दौरान राजमार्ग पर सांकेतिक जाम लगाने का प्रयास कर रहीं महिलाओं की काफी देर तक पुलिस के साथ बहस भी हुई।
इसके बाद महिलाएं राजमार्ग पर ही धरने पर बैठ गईं। सरस्वती देवी, परमेश्वरी देवी, आरती रावत और इंदू नौटियाल आदि ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर हुई धोखाधड़ी के बाद महिलाएं आर्थिक, सामाजिक एवं मानसिक त्रासदी झेलने को मजबूर हैं। 25 लाख लोग ठगी का शिकार हुए हैं। शासन प्रशासन की ओर से मॉनीटरिंग नहीं की गई।
टिहरी से आई मंजू, अनीता व ऊषा ने कहा कि वह छोटे बच्चों को घर छोड़कर आंदोलन में आई हैं। पैसा नहीं लौटाए जाने पर महिलाओं की ओर से यात्रा सीजन के दौरान राजमार्ग जाम करने की चेतावनी दी गई। कीर्तिनगर के थाना प्रभारी देवराज शर्मा ने कहा कि इस मामले में मुकदमा पंजीकृत है। जिस पर कार्रवाई चल रही है। एसएसपी पौड़ी खुद इस मामले को देख रहे हैं। तहसीलदार मानवेंद्र बर्तवाल के आंदोलन स्थल पर पहुंचने पर महिलाओं ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर आपातकाल कोष से पैसा वापस दिलाए जाने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में देवेश्वरी बिष्ट, सीमा देवी, वीना रावत, सावित्री, रेखा, उर्मिला आदि शमिल थे। संवाद