स्थायी रोजगार और अन्य मांगों के लिए आंदोलनरत ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलमार्ग परियोजना प्रभावितों की अधिकारियों के साथ हुई वार्ता विफल रही। इस कारण रानीहाट-नैथाणा में रेलमार्ग परियोजना कार्य बृहस्पतिवार को भी शुरू नहीं हो पाया। प्रभावितों ने साफ कह दिया है कि जब तक नियुक्ति पत्र नहीं मिलते हैं, तब तक काम नहीं होने देंगे।
कीर्तिनगर ब्लाक के रानीहाट व नैथाणा गांव के प्रभावितों ने रेलवे में स्थायी रोजगार की मांग को लेकर 24 जुलाई से काम रुकवा दिया है और वह सुरंग के समीप ही धरना दे रहे हैं। गतिरोध खत्म करने के लिए बृहस्पतिवार को एसडीएम कीर्तिनगर अजयवीर सिंह और तहसीलदार सुनील राज की मौजूदगी में परियोजना प्रभावितों की आरवीएनएल और काम कर रही एजेंसी के अधिकारियों के साथ वार्ता हुई। प्रभावितों ने कहा कि रेल परियोजना में उनकी कृषि योग्य जमीन चली गई, जिससे उनका रोजगार छिन गया। उन्हें परियोजना में स्थायी रोजगार चाहिए। जब तक स्थायी रोजगार की व्यवस्था नहीं होती, तब तक अस्थायी रोजगार की व्यवस्था की जाए। प्रभावितों ने कहा कि उनसे बिना पूछे उनके खातों में बेरोजगारी भत्ता डाल दिया गया। इसके लिए उनसे सहमति नहीं ली गई। उन्होंने बाहरी लोगों को परियोजना से हटाकर परियोजना प्रभावितों को नौकरी पर रखा जाए। कंपनी ने मांगों पर चरणबद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसे परियोजना प्रभावितों ने नकार दिया। उन्होंने कहा कि जब तक रोजगार नहीं मिलता, तब तक काम नहीं होने दिया जाएगा। वार्ता में आरवीएनएल के डीजीएम पीपी बडोगा और आप नेता समीर रतूड़ी आदि मौजूद थे।