बाबजूद इसके अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी तक नहीं है। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि अस्पताल में किस तरह का इलाज मिल पा रहा होगा।
इमरजेंसी विभाग में दो दिनों से नल सूखे पड़े हैं। पानी न मिलने के कारण मरीजों के अलावा चिकित्सकों को भी परेशान होना पड़ रहा है। मामले में डिप्टी एमएस डा. पवन रैंथवाल ने बताया कि वह इमरजेंसी के कई चक्कर लगा लगा चुके हैं। इस बारे में उनको कोई जानकारी नहीं है और नहीं किसी ने दी है।
वहां तैनात डॉक्टरों और नर्सों ने बताया कि जरूरत पड़ने पर किसी तरह इंतजाम किया जा रहा है। पानी न मिलने से रोगियों तथा उनके तीमारदारों को ही परेशानी उठानी पड़ रही है।