कीर्तिनगर के रानीहाट गांव में रेलवे का काम रहे वाहनों को रोककर प्रदर्शन करते ग्रामीण
- फोटो : SHRINAGAR
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग पर प्रस्तावित श्रीनगर रेलवे स्टेशन का नाम रानीहाट-नैथाणा करने की मांग के लिए स्थानीय लोगों ने लगभग चार घंटे परियोजना काम बाधित रखा। तहसील प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में आरवीएनएल (रेल विकास निगम लिमिटेड) के अधिकारियों से वार्ता के बाद ग्रामीण कार्य स्थल से हटे। आरवीएनएल ने आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन से रेलवे स्टेशन का नाम परिवर्तित करने का प्रस्ताव मिलने के बाद मुरादाबाद ऑफिस भेज दिया जाएगा।
बुधवार सुबह लगभग 10 बजे कीर्तिनगर तहसील के नैथाणा और रानीहाट के ग्रामीण प्रस्तावित श्रीनगर रेलवे स्टेशन में पहुंचे और काम रुकवा दिया। ग्रामीणों का कहना था कि परियोजना में टिहरी जिले के देवली, रानीहाट व नैथाणा के काश्तकारों की जमीन अधिग्रहीत की गई है, लेकिन रेलवे स्टेशन का नाम पौड़ी जिले के श्रीनगर शहर के नाम पर रखा गया है। जो भूमिधरों की भावना के साथ खिलवाड़ है। काम रुकने की सूचना पर नायब तहसीलदार साक्षी उपाध्याय, कोतवाल जवाहर लाल और आरवीएनएल के सीनियर डीजीएम पीपी बडोगा वार्ता के लिए पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि रानीहाट- नैथाणा नाम पर तीनों ग्राम पंचायतों को कोई आपत्ति नहीं है। डीजीएम बडोगा ने बताया कि ग्रामीणों की सहमति बन गई है। जिला प्रशासन की ओर से नाम परिवर्तन की संस्तुति मिलने के बाद उत्तर रेलवे के डिवीजन ऑफिस मुरादाबाद प्रस्ताव भेज दिया जाएगा। बताया कि इस काम में एक से दो माह तक का समय लग सकता है। दूसरी ओर ग्रामीणों ने कहा कि एक माह के भीतर नाम परिवर्तन न होने पर दोबारा काम रुकवाने की चेतावनी दी। वार्ता में प्रधान नैथाणा आशा देवी, मनोज जोशी, प्रजापति शाह, टेक सिंह नेगी, रोशनी रुडोला, राजेश नेगी व नीमा देवी आदि शामिल थे।