राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय पोखरी में डॉक्टर की तैनाती है, लेकिन वे गुरुकुल कांगड़ी हरिद्वार में ड्यूटी दे रहे हैं। इससे ग्रामीणों को अस्पताल में डॉक्टर होने के बाद भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में ग्रामीणों ने डाक्टर की संबद्धता समाप्त करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि चिकित्सालय को एक फार्मेसिस्ट के भरोसे चल रहा है।
खिर्सू ब्लाक के राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सालय पोखरी में डा. विवेक वर्मा सेवारत हैं, लेकिन गत पांच वर्षों से डा. वर्मा गुरुकुल कांगड़ी विवि हरिद्वार संबद्ध हैं। प्रधान पोखरी महादेव प्रसाद बहुगुणा ने बताया कि चिकित्सालय में अभी सिर्फ एक फार्मासिस्ट तैनात है। विभाग की लापरवाही से क्षेत्र की जनता को चिकित्सालय होने के बावजूद उपचार के लिए पौड़ी व श्रीनगर के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि उक्त डाक्टर की संबद्धता समाप्त किए जाने के लिए 2020 में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, निदेशक आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा, जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी सहित अनेक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, लेकिन समस्या जस की तस है। जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डा. आरपी नौटियाल ने बताया कि डाक्टर को शासन स्तर से संबद्ध किया गया है। शासन को पत्र में जनहित में इस निर्णय को जल्द लिए जाने की अपील की गई है।