बोले, बीडीसी बैठक में समस्याएं हल करने का मिलता है आश्वासन, धरातल पर नहीं होता
पौड़ी। विकासखंड मुख्यालय में बृहस्पतिवार को बीडीसी बैठक ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी की अध्यक्षता में हुई। पिछली बीडीसी बैठकों में उठाई गई समस्याओं का समाधान नहीं होने पर सदस्यों व प्रधानों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्राम प्रधानों ने आरोप लगाया कि बैठकों में समस्याएं रखने के बाद संबंधित अधिकारियों की ओर से समाधान का आश्वासन तो दिया जाता है लेकिन धरातल पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रहे हैं।
समस्याओं के समाधान में हो रही देरी से नाराज ग्राम प्रधानों ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रधानों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से कई सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। कई गांवों में पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी है जबकि बिजली, सिंचाई और अन्य जरूरी सुविधाओं से जुड़े मामलों का भी समय पर निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
ग्राम प्रधान कलम रावत, शंकर नौटियाल और शैलेंद्र नौटियाल ने कहा कि उन्होंने पिछली बैठकों में अपने क्षेत्रों की क्षतिग्रस्त सड़कों समेत कई समस्याएं अधिकारियों के सामने रखी थीं। संबंधित विभागों की ओर से जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया गया लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी बैठकों में आश्वासन देने के बजाय मौके पर जाकर समस्याओं का निरीक्षण करें और उनके समाधान के लिए समयसीमा तय करें।
प्रधानों ने कहा कि गांवों की समस्याओं का सीधा असर ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। खराब सड़कों के कारण आवागमन प्रभावित है, वहीं पेयजल और सिंचाई की समस्याओं से ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने अधिकारियों से पूर्व की बीडीसी बैठकों में पारित प्रस्तावों और उठाई गई समस्याओं की समीक्षा कर लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने की मांग की।