सीएचसी में पहले रोस्टर के अनुसार अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा उपलब्ध थी। एक रोस्टर में करीब 50 मरीजों की जांच की जाती थी। लेकिन 31 जुलाई को सीएमओ डॉ. शिवमोहन शुक्ला के सेवानिवृत्त होने के बाद से यह सेवा प्रभावित है।
अल्ट्रासाउंड सेवा बंद होने का सबसे अधिक असर दूरदराज के गांवों से आने वाले मरीजों पर पड़ रहा है। जांच के लिए उन्हें जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। वहीं, गर्भवती महिलाओं को भी जरूरी जांच के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। पहाड़ी क्षेत्र में पहले से ही स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बीच अल्ट्रासाउंड सेवा बंद होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता गणेश भट्ट, अर्जुन नेगी और दिलबर नेगी ने स्वास्थ्य विभाग से जल्द रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती कर अल्ट्रासाउंड जांच सेवा बहाल करने की मांग की है।
सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. पंकज सिंह ने बताया कि अल्ट्रासाउंड जांच सेवा दोबारा शुरू कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति होने के बाद सीएचसी में अल्ट्रासाउंड जांच सेवा फिर से शुरू कर दी जाएगी।