शराब के विरोध में रविवार को पौड़ी गांव की महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने करीब ढाई घंटे माल रोड जाम करके ठेका शिफ्ट करने की मांग रखी। सूचना मिलने के बावजूद एसडीएम केएस नेगी, सीओ और जिला आबकारी अधिकारी प्रभाशंकर मिश्रा दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे।
नया टेंडर होने के बाद शराब का ठेका शिफ्ट करने की बात पर ही सहमति बन पाई। प्रदर्शन कर रही महिलाओं को एसडीएम ने भरोसा दिलाया है कि 26 दिन बाद ठेका यहां से शिफ्ट कर लिया जाएगा।
गीता रावत, कल्पना रौथाण, पवित्रा देवी, कमला रावत, पिंकी नेगी, सोनी रावत, गयली देवी, देवचंदी देवी, यशोदा रावत, रजनी रमोला, साबी रमोला, झबरी देवी, सुशीला नेगी, राजी देवी, उर्मिला रौथाण, देवेश्वरी देवी, सोना देवी, दीपा देवी और गुड्डी देवी ने कहा कि शराब के कारण कई लोगों के घर उजड़ चुके हैं। शराब का ठेका ऐसे जगह शिफ्ट होना चाहिए, जहां लोगों को आसानी से शराब मिल न सके।
बाहर ताला अंदर से बिक रही शराब
गीता रावत ने बताया कि शराब का ठेका होटल के साथ खोला गया है। होटल में कमरे बनाए गए हैं, जबकि नीचे शराब का ठेका खुला हुआ है। ऐसे में होटल में ठहरने वाले लोग कैसे सुरक्षित रह पाएंगे। ठेके के बाहर से ताला लगा हुआ है, जबकि अंदर से जो दरवाजा है, उससे शराब सप्लाई हो रही है। यह देख एसडीएम भी हैरान रह गए।
ठेका रेस्टोरेंट का हिस्सा
जिला आबकारी अधिकारी प्रभाशंकर मिश्रा ने कहा कि जहां पर ठेका खोला गया है, वह होटल नहीं, बल्कि रेस्टोरेंट का हिस्सा है। दुकान को होटल से अलग किया गया है। सरकार के राजस्व को ध्यान में रखते हुए ही ठेका खोला गया है। इस पर पूरी निगरानी बनी हुई है कि ठेके से शराब होटल में जा रही है या नहीं।