देवस्थानम बोर्ड और बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के विरोध में जारी तीर्थपुरोहित के धरने को क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में समर्थन देने पहुंचे। जनप्रतिनिधियों ने सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त कर फैसले को वापस लेने की मांग की।
रविवार को संगम स्थल पर तीर्थपुरोहितों का धरना 13वें दिन भी जारी रहा। समर्थन में धरना स्थल पहुंचे पूर्व ब्लाक प्रमुख जयपाल पंवार ने कहा कि त्रिवेंद्र सरकार ने देवस्थानम बोर्ड का गठन कर तीर्थपुरोहितों और हक हकूकधारियों के परंपरागत अधिकारों का हनन किया है। सरकार के इस फैसले से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावना को भी ठेस पहुंची है। उन्होंने बोर्ड को तत्काल भंग कर देवभूमि की प्राचीन धार्मिक परंपराओं को बहाल करने की मांग की है। पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख मोरचंद, प्रधान नरेंद्र रतूड़ी, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य गुड्डा सिंह कठैत, पूर्व प्रधान नरेंद्र जोशी, रघुवीर रावत आदि ने भी तीर्थपुरोहितों के धरने को समर्थन दिया। इस मौके पर तीर्थपुरोहित मुन्नालाल कोटियाल, नंदन टोडरिया, राजेंद्र जागीरदार, दुर्गाप्रसाद बाबुलकर, दीपक रतूड़ी, हरीश टोडरिया, सत्य नारायण, प्रकाश कोटियाल, ललित मोहन, गुड्डू भट्ट आदि धरने पर बैठे रहे। संवाद