थलीसैंण। राठ क्षेत्र में पर्यावरण के क्षेत्र कार्य कर रही समलौंण संस्था की ओर से आयोजित 10वां राठ महोत्सव में महिला मंगल दलों ने थड़िया, चौंफला व झुमैलों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। जिसमें ग्राम सौलाणा की टीम विजेता रही। इस दौरान पर्यावरण के क्षेेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले विभूतियों को सम्मानित किया गया।
विकासखंड थलीसैंण के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर चाकीसैंण में आयोजित एक दिवसीय राठ महोत्सव का मुख्यअतिथि सेवानिवृत्त ऑर्डिनरी कैप्टन नंदन सिंह नेगी ने उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने संस्था के कार्याें की सराहना की। साथ ही उन्होंने विद्यालय परिसर देवदार का समलौण पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया।
इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई। वहीं, कार्यक्रम संयोजक मातबर सिंह बर्त्वाल ने दैणा ह्वेयां खोली कू गणेशा की प्रस्तुति दी। महिला मंगल दल की महिलाओं ने थड़िया, चौंफला, झुमैलो लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। जिसमें ग्राम सौलाणा प्रथम, बड़ेथ द्वितीय, चुठाणी तृतीय स्थान पर रहा। संस्था संस्थापक बीरेंद्र दत्त गोदियाल ने संस्था के लक्ष्य एवं उद्देश्यों पर विस्तार से जानकारी दी।
इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य गणेश राठी, प्रियंका रावत, संस्था अध्यक्ष मनोज रौथाण, मुकेश नौड़ियाल, नथीराम नौड़ियाल, क्रांति, रामकृष्ण नौटियाल, प्रदीप बर्त्वाल, भगवान, गुसाईं आदि मौजूद रहे।
ये हुए सम्मानित
महोत्सव में पर्यावरण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने पर जनपद उत्तरकाशी से गंगा विश्व धरोहर मंच के संयोजक एवं शिक्षक डाॅ. शंभू प्रसाद नौटियाल, चमोली के उर्मम घाटी से जनदेश संस्था के संस्थापक कल्पबीर लक्ष्मण सिंह नेगी, नागनाथ पोखरी से गौरव सेनानी राजपाल कोटियाल, पौड़ी के पोखड़ा से फील गुड भलु लगद संस्था के संस्थापक सुधीर सुंदरियाल को समलौंण सम्मान दिया गया। जबकि सुनीता देवी, आशा जखमोला, जमुना देवी व ग्राम म्योल्ठी की जमुना देवी को पर्यावरण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने पर समलौंण राठ मातृशक्ति सम्मान व डाॅ. राकेश भट्ट, संदीप गुसाईं, जगमोहन डांगी, प्रमोद खंडूड़ी, महेश पोखरियाल, शैलेंद्र सिंह रौथाण को पश्चिमी नयार घाटी उत्कृष्ट सेवा से सम्मानित किया गया।
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राजेश