कीर्तिनगर। पानी संकट परेशान विकास खंड कीर्तिनगर के सिमली, सिरोला, मुंडोली, जाबर गांव के ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। ग्रामीणों ने खाली बर्तन और हाथों में तख्ती लेकर तहसील पर प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। इसके बाद तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए। इस दौरान ग्रामीणों को समझाने पहुंचे विभागीय अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन को प्रदर्शनकारियों की खरीखोटी भी सुननी पड़ी।
सोमवार को कीर्तिनगर के ढुंडप्रयाग मोड़ पर पानी की मांग के लिए एकत्रित हुए कांग्रेस और उत्तराखंड क्रांतिदल के कार्यकर्ताओं ने विभाग, स्थानीय प्रशासन और क्षेत्रीय विधायक के खिलाफ आक्रोश जताया। इसके बाद हाथों में तख्ती और खाली बर्तन लेकर जिला पंचायत सदस्य कविता देवी के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए तहसील मुख्यालय पहुंचे।
आक्रोशित ग्रामीणों ने यहां पर भी जल निगम, जल संस्थाना, प्रशासन और क्षेत्रीय विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इसके बाद धरने पर बैठ गए। थोड़ी देर बाद विभागाीय अधिकारियों के साथ प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंची एसडीएम नीलू चावला ने अधिकारियों से योजना पर आपूर्ति ठप होने का कारण पूछा।
अधिकारियों ने बताया कि योजना पर निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे अधिकतर गांवों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इस बीच मौजूद लोगों ने खूब खरीखोटी सुनाई। विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। काफी हो हल्ला होने के बाद विभाग ने लक्ष्मोली-हडिमधार पंपिंग पेयजल योजना से नियमित आपूर्ति शुरू करने के लिए दिसंबर तक का समय मांगा। इस बीच टैंकरों से आपूर्ति करने का आश्वासन दिया गया। विभागीय अधिकारियों के लिखित आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए।
इस दौरान उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष पूरण सिंह कठैत, विजयंत सिंह निजवाल, सत्येंद्र भट्ट, रविदत्त बलूनी, रघुवीर सिंह पंवार, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष उत्तम सिंह असवाल, डॉ. प्रताप भंडारी, रामलाल नौटियाल, रघुवीर सिंह भंडारी, सुनील कुमार आदि मौजूद थे।