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मेडिकल कॉलेज के अस्थायी कर्मियों को मिला कांग्रेस का साथ

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विधानसभा चुनावों से ठीक पहले राजकीय मेडिकल कॉलेजों में अस्थायी कर्मचारियों की पूर्ति आउटसोर्सिंग एजेेंसी के माध्यम से करने का प्रकरण फिर गरमाने लग गया है। मामले में कॉलेज के अस्थायी कर्मचारियों को कांग्रेस का साथ मिल गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रकरण के लिए अपने प्रतिद्वंदी स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को दोषी ठहराते हुए अस्थायी कर्मचारियों के लिए संघर्ष करने का वादा किया है। ऐसे में आउटसोर्स मसला भाजपा के लिए भारी पड़ सकता है।
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श्रीनगर मेडिकल कॉलेज की स्थापना के समय से यहां विभिन्न स्रोतों (संविदा, नियत वेतन और दैनिक वेतन) से अस्थायी कर्मचारी तैनात हैं। भाजपा सरकार आने पर मेडिकल कॉलेज में मानव संसाधन पूर्ति आउट सोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन मामला कोर्ट में चले जाने और कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह के साथ वार्ताओं का दौर चलने की वजह से रुका रहा। लेकिन वर्ष 2021 के अंत में यह प्रकरण फिर बाहर निकल गया। गत 6 जनवरी को चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के निर्देश पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने आउटसोर्स के माध्यम से कर्मचारियों की पूर्ति की दशा में होने वाला व्यय भार भेजा, तो कर्मचारी भड़क गए। उन्होंने विरोध स्वरूप 11 जनवरी से कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है। वहीं, चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को मुद्दा मिल गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सोशल मीडिया के जरिए अस्थायी कर्मचारियों का साथ देने की बात कही है।
यह लिखा है गोदियाल ने अपने फेसबुक पेज पर
संविदा, दैनिक, उपनल व अन्य माध्यमों से कार्यरत लगभग 450 कर्मचारियों के भविष्य पर स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने किसी एक कंपनी को फायदा पहुंचाने के लालच में कुठाराघात किया है। मैं तमाम इन कर्मचारी साथियों की पीड़ा को समझ सकता हूूं। जिन्होंने अपने जीवन के महत्वपूर्ण 12-13 वर्ष इस आशय से काटे कि उनके भी अच्छे दिन आएंगे, लेकिन अच्छे दिन का वादा लाने वाले मंत्री धन सिंह ने उनके जीवन को बर्बाद करने का जो बीड़ा उठाया है। मैं अपनी पूरी शक्ति से इसका विरोध करूंगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के ऐसे तमाम आदेशों को मेरी पार्टी की सरकार बनने पर पहली कैबिनेट बैठक में निरस्त किया जाएगा।
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