फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आज के समाज के लिए गांधी के विचारों की प्रासंगिकता

विज्ञापन
विज्ञापन
एचएनबी गढ़वाल विवि की ओर से भारत और उसके पड़ोसी देशों की विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के संदर्भ में 21वीं सदी में ग्रामीण विकास के गांधीवादी तौर तरीके की प्रासंगिकता विषय पर नेपाल व बांग्लादेश के शिक्षाविदों के साथ ऑनलाइन मंथन किया गया।
विज्ञापन

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि यूजीसी के अध्यक्ष प्रो. डीपी सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी के विचारों की प्रासंगिकता आज के समाज के लिए आवश्यक है। कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने बताया कि सभी व्याख्यानों को संकलित कर गांधी की 150वीं जयंती पर एक पुस्तक निकाली जाएगी। भारत में नेपाल के पूर्व राजदूत प्रो. लोक राज बराल ने कहा कि गांधी ने ग्रामीण विकास एंव कुटीर उद्योगों पर विशेष बल दिया। सीएसआईआरआई एचबीटी पालमपुर के निदेशक डा. संजय कुमार ने कहा कि आज के समय में ग्रामीण विकास के लिए खाद्य तकनीकी के क्षेत्र में विकास करने की आवश्यकता है। ढाका विवि के प्रो. अली अशरफ ने गांधी के विचारों के बारे में बताया। काठमांडू विवि के डा. उद्धव ने गांधी के सिद्धांत में ना केवल अहिंसा के विचार थे, बल्कि समग्र ग्रामीण विकास का मिशन गांधी के विचारों में हमें दिखता है। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक डा. प्रशांत कंडारी, डा. नागेंद्र रावत, डा. राकेश नेगी डा. श्वेता और डा. नरेश कुमार आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें