साझा मंच की बैठक में महिलाओं के मुद्दों पर चर्चा की गई। इसकी अध्यक्षता करते हुए साझा मंच के संयोजक योगंबर पोली ने की उन्होंने कहा कि मंच की पहल के फलस्वरूप ही घरेलू हिंसा 2005 के क्रियान्वयन के लिए उत्तराखंड में राज्य सरकार द्वारा बजट का प्रावधान किया गया है। बैठक में पराज संस्था के निदेशक डा. वीपी बलोदी ने कहा कि साझा मंच द्वारा छेड़े गए अभियान प्रशंसनीय हैं।
सागर सोसाइटी के डा. सुनील रावत ने कहा कि घरेलू हिंसा अधिनियम बन चुका है, लेकिन जानकारी के अभाव में इसका लाभ हिंसा की शिकार महिलाओं तक नहीं पहुंच पा रहा है।
निर्भया प्रकोष्ठ की जिला परामर्श सोनी सौठिंयाल ने बताया कि प्रकोष्ठ हिंसा की शिकार महिलाओं को परामर्श कर उन्हें न्याय दिलाने का काम कर रहा है। इस मौके पर रमन रावत, नव ज्योति समिति के प्रमोद खंडूडी, आशा की किरन संस्था से रविंदर चंद, कीर्ति भूषण, अनिल डेविड, नारी स्वयं सहायता समूह की यशोदा नेगी, हिमशिखर के दीपक डोभाल, गढ़श्रेष्ठ से नरेंद्र धीमान, नेहरू युवा केंद्र से अनूप कुमार, देवेंद्र व विपिन रावत आदि मौजूद रहे।