पौड़ी। सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम में उठी समस्या का चार माह बाद भी समाधान नहीं हो पाया। सरकारी कार्यक्रमों को लेकर विभाग कितने गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है। ऐसे में विभागों की उदासीनता के चलते ग्रामीणों को स्वास्थ्य उपचार के लिए पौड़ी व श्रीनगर की दौड़ लगानी पड़ रही है।
दरअसल बीते अगस्त माह में जिला प्रशासन की ओर से मुख्यालय से सटे सबदरखाल क्षेत्र में ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य उपचार के लिए बुनियादी पैथोलॉजी टेस्ट करवाने के लिए सप्ताह में एक बार शिविर लगाए जाने की मांग उठाई। जिस पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई का लॉलीपॉप ग्रामीणों को थमा तो दिया, लेकिन चार माह बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया।
जबकि सबदरखाल कस्बे में ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टाइप-ए अस्पताल है। क्षेत्रवासी व सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत चौहान ने बताया कि सबदरखाल, कुंडी, बकरोड़ा, नौगांव, चमोली गांव, रणाकोट, कोटा, ढुंगली, सिराला, मरोड़ा समेत करीब 20 से 22 गांवों का स्वास्थ्य इकलौती पीएचसी के भरोसे है।
बताया कि उपचार के लिए अस्पताल पहुंचने वाले ग्रामीणों को पूरा स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल रहा। जिसके लिए उन्हें पौड़ी या श्रीनगर की दौड़ लगानी पड़ रही है। बताया कि इस अस्पताल में यदि हफ्ते में एक बार पैथोलॉजी टेस्ट हो जाए तो ग्रामीणों का उपचार आसानी से हो जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से इस समस्या के समाधान की मांग उठाई है। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि इसको लेकर उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। जवाब आने पर ही कार्रवाई होगी।