दिल्ली दंगे में मृतक दिलबर के भाई से नौकरी दिलाने के नाम पर सवा तीन लाख से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने चमोली जिले के पूर्व प्रधान को मामले में गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने अपने आपको सचिवालय कर्मी बताया था।
विकास खंड थलीसैण के रोखड़ा गांव निवासी दिलबर सिंह के बड़े भाई देवेंद्र सिंह ने बताया कि मार्च में एक व्यक्ति ने उन्हें फोन कर बताया कि वह सचिवालय देहरादून से बीरेंद्र बोल रहा है। आपको नौकरी देने के लिए मुझे उच्चाधिकारियों के निर्देश मिले हैं। देवेेंद्र ने बताया कि बीरेंद्र के कहने पर उसे दो चेक व शैक्षणिक दस्तावेज पैठाणी जाकर दिया, लेकिन कुछ समय पर उसने पिता के नाम के दो चेक लाने को कहा, तो उसे हस्ताक्षर किए हुए दो चेक और दिए गए।
देवेंद्र ने बताया कि जब वह 30 जूून को श्रीनगर बैंक गए, तो पता चला के उसके पिता के एकाउंट से 3 लाख 25 हजार की राशि निकाली गई है। बैंक से जानकारी मिली कि बीरेंद्र के एकाउंट में ट्रांसफर हुुई हैं। पैसे नहीं लौटाने पर गत 30 जुलाई को देवेंद्र ने थाना पैठाणी में बीरेंद्र सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी व फर्जी लोक सेवक बनने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया। थानाध्यक्ष प्रताप सिंह ने बताया कि बीरेंद्र को उसकी दीदी के गांव खेत (गैरसैंण) से गिरफ्तार कर लिया गया है। बीरेंद्र सिराना गांव (गैरसैंण) का रहने वाला है, वह पूर्व प्रधान भी रह चुका है। देर शाम कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया है।