चौरास में ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ विषय पर मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से किया संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। कीर्तिनगर ब्लॉक के चौरास में स्थित गढ़वाल विवि के प्रेक्षागृह में रविवार को ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ विषय पर मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर विकसित उत्तराखंड को लेकर उनके सपने, विचार और सुझाव जाने। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं। उनकी ऊर्जा, सोच और संकल्प उत्तराखंड के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। युवाओं की सोच से ही विकसित उत्तराखंड बनेगा। उन्होंने बताया कि ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान के तहत प्रदेशभर में चल रहे कार्यक्रम के तहत 2.67 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने अपने निबंध और विचार साझा किए हैं।
कार्यक्रम में रुद्रप्रयाग की कक्षा 11 की सीमा सेमवाल ने पलायन पर विचार रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और रोजगार के लिए बाहर जाना हमेशा नकारात्मक नहीं है। इससे युवाओं को अनुभव और बेहतर अवसर मिलते हैं लेकिन पहाड़ों में माताओं-बहनों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। देवप्रयाग की श्रेया सेमवाल ने ‘पहाड़ रहें, अपने रहें, मेरे सपने रहें’ विषय पर विचार रखे। छात्रा तमन्ना ने पहाड़ में रोजगार और खेती से होने वाली कम आय की समस्या उठाते हुए कहा कि ‘मेरा पहाड़, मेरा रोजगार।’ मुख्यमंत्री ने उनके विचार की सराहना की। रुद्रप्रयाग की अनुष्का ने पलायन रोकने पर सुझाव दिए। इशिका नेगी व गौरव बिष्ट ने पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और चारधाम यात्रा से जुड़े विषयों पर सुझाव दिए। छात्र मुकेश कुशवाह ने स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी के सुझाव साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में युवाओं की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री युवा योजना जैसे प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से नौकरी तलाशने के साथ नौकरी देने वाला बनने का लक्ष्य रखने का आह्वान किया। इस मौके पर जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा व जिला शिक्षाधिकारी (बेसिक) अंशुल बिष्ट को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी टिहरी नितिका खंडेलवाल, एसएसपी श्वेता चौबे व सीडीओ वरुण अग्रवाल सहित छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
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सीएम के कार्यक्रम में मीडिया सहित अन्य लोगों के प्रवेश पर रही रोक
श्रीनगर। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में मीडिया सहित अन्य लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया। जब मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे तो गेट पर खड़े कुछ छात्र नेताओं सहित अन्य लोगों के सब्र का बांध टूट गया। लोग पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। साथ ही गेट खोलने की मांग को लेकर पुलिस के साथ नोकझोंक भी हुई।
कई मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने के लिए गुगली मंगसू चौरास की गीता देवी और धारी की सुनीता पांडे भी पहुंची थीं। वहीं पैरामेडिकल छात्र, एलयूसीसी ठगी पीड़ित महिलाएं और बेस अस्पताल के आंदोलित डॉक्टर भी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। इस दौरान लोगोंं ने वहां मौजूद अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। वहीं कार्यक्रम की जानकारी मिलने पर गढ़वाल विवि के छात्र नेता भी मौके पर पहुंचे लेकिन पुलिस ने उन्हें गेट पर रोक दिया जिसे लेकर पुलिस और छात्रों के बीच नोंकझोंक भी हुई। बाद में प्रशासन ने छात्रों और कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं को परिसर में जाने की अनुमति दी। विरोध करने वालों में भाजपा युवा मोर्चा कीर्तिनगर मंडल अध्यक्ष अंकित रावत, विवि छात्रसंघ उपाध्यक्ष पुल्कित अग्रवाल और पूर्व अध्यक्ष महिपाल बिष्ट आदि शामिल रहे। संवाद