मंत्री भरत सिंह चौधरी ने पौड़ी में विकास योजनाओं का किया निरीक्षण
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पौड़ी में एमएसएमई, ग्राम्य विकास, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री भरत सिंह चौधरी ने जिला मुख्यालय पहुंचकर वीबीजीआरजीवाई, पीएमजीएसवाई, पशुपालन, बांस मिशन, एनआरएलएम आदि विकास योजनाओं की समीक्षा की। शनिवार को सर्किट हाउस पहुंचे कैबिनेट मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए योजनाओं के बीच बेहतर कन्वर्जेंस जरूरी हैं। साथ ही लोगों को योजनाओं का लाभ देने के लिए प्रेरित करने को कहा।
उन्होंने वीबीजी रामजी योजना की समीक्षा करते हुए मनरेगा की लंबित देनदारियों को जल्द निस्तारित करने को कहा। साथ ही नई योजना के प्रावधानों और कार्यप्रणाली की जानकारी ग्राम प्रधानों व जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। डीएम स्वाति एस भदौरिया ने जिले में समूहों की ओर से किए जा रहे विभिन्न कार्यों की जानकारियां दीं। जिसमें पिरूल से पेलेट, माल्टे के छिलकों से फेस पैक, बायो-एंजाइम, आदि शामिल रहे। इस मौके पर विधायक राजकुमार पोरी, एसएसपी सर्वेश पंवार, सीडीओ अशोक जोशी, ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, डीडीओ रमेश चंद्र, सीवीओ डॉ. विशाल शर्मा, डीएसटीओ राम सलोने, रीप प्रबंधक कुलदी बिष्ट आदि मौजूद रहे।
जिले में बांस व रिंगाल बनेगा आजीविका का जरिया
जिले में बांस व रिंगाल का व्यावसायिक उत्पादन आजीविका का जरिया बनेगा। मंत्री ने ग्राम्य विकास संस्थान रुद्रपुर और देहरादून के सभावाला में तैयार होने वाले प्रोजेक्टों की तर्ज पर पौड़ी में भी बांस व रिंगाल उत्पादों बढ़ावा देने के निर्देश दिए। कहा कि बांस और रिंगाल जैसे स्थानीय संसाधनों को व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ा जाए। इसके लिए उन्होंने भूमि चयनित करने के निर्देश दिए हैं।
तीन वर्षों से अधूरा पड़ा कीवी प्रोजेक्ट, मंत्री ने दिए जांच के निर्देश
पौड़ी मुख्यायल से सटे गहड़ गांव में बीते 2023 का कीवी प्रोजेक्ट आज तक भी पूरा नहीं हो पाया है। जिस पर कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कड़ी नाराजगी जताई। प्रोजेक्ट का काम लंबित मिलने पर उन्होंने संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए।
उन्होंने लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका तय करते हुए दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को लाभ पहुंचाना है। वर्षों तक परियोजना का अधूरा रहना गंभीर मामला है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।