संगम के निकट भागीरथी नदी में बही महिला का शव मिलने के बाद परिजनों द्वारा शिनाख्त कर दी गई है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। महिला की पहचान नहीं हो पाने के कारण शव को श्रीनगर मोर्चरी में रखा गया था।
बीती 15 अक्तूबर शुक्रवार की सुबह 61 वर्षीय अलका पत्नी संजीव निर्वगी निवासी जिला सताारा महाराष्ट्र हाल निवास देहरादून से देवप्रयाग पहुंची थीं। वह संगम क्षेत्र में गई थीं, लेकिन जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटीं, तो कार चालक संदीप उनकी तलाश करते हुए संगम पर पहुंचा। वहां उसे महिला के भागीरथी नदी में बहने की सूचना मिली, जिसके बाद चालक ने तुरंत थाने पहुंचकर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने नदी में व्यापक खोजबीन शुरू कर दी। घटना के करीब तीस घंटे बाद एसडीआरएफ ने शनिवार, 16 अक्तूबर की शाम को कांडी खंड के निकट गंगा नदी से महिला का शव खोज निकाला। इसके बाद पुलिस ने मृतका के पति डॉ. संजीव निर्वगी को शव की शिनाख्त के लिए बुलाया। कोतवाल देवप्रयाग कृष्णकांत ने बताया कि कई घंटों की प्रक्रिया के बाद डॉक्टर पति ने शव की शिनाख्त अपनी पत्नी अलका के रूप में की। एसएसआई कविता ने जानकारी दी कि आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के बाद शव मृतका के पति और भांजे को सौंप दिया गया है। संवाद
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चंद्रवदनी सहित देवप्रयाग के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं को वितरित की हरियाली
देवप्रयाग। सिद्धपीठ चंद्रवदनी में हरियाली वितरण व हवन के साथ शारदीय नवरात्र का समापन हुआ। लोक वादकों ने नौरता मंडाण के साथ देवी जागर का गायन किया। सिद्धपीठ चंद्रवदनी में सोमवार को अष्टमी व नवमी के एक साथ होने पर मुख्य पुजारी पं. शिव प्रसाद भट्ट व पं. शक्तिप्रसाद भट्ट की अगुवाई में माँ के नवे स्वरूप सिद्धिदात्री का पूजन किया गया। सभी की सुख समृद्धि के लिए यहां हवन के बाद श्रद्धालुओं को घर से लाई गई जौ से उगी हरियाली बांटी गई। नव रात्र में इस बार देश प्रदेश से बड़ी संख्या में यहां श्रद्धालु पहुंचे थे। वहीं पालकोट में कर्णा देवी, भरपूर में चमराड़ा देवी, देवप्रयाग मे भुवनेश्वरी, मंगला माता मंदिर में भी पूर्णाहुति के साथ शारदीय नवरात्र का समापन हुआ। श्रद्धालुओ ने कन्या पूजन के साथ नवरात्र उपवास का भी पारायण किया। कन्याओं को हलवा, पूरी, चना, चुनरी सहित अनेक उपहार भेंट कर उनसे सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया गया। संवाद
जारीराजेश भट्ट